JSW Cement ने राजस्थान के नागौर में **1 MTPA** की नई ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है, जिससे कंपनी की कुल क्षमता **25.1 MTPA** हो गई है। साथ ही, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Shiva Cement का विलय करेगी, जिसके लिए **5:41** का शेयर स्वैप रेशियो तय किया गया है।
राजस्थान में बढ़ी मजबूती
कंपनी अपनी नॉर्थ इंडिया की रणनीति को धार देते हुए राजस्थान के नागौर में नई ग्राइंडिंग यूनिट को कमर्शियल तौर पर शुरू कर दिया है। इस नई यूनिट के बाद नागौर प्लांट की कुल क्षमता 3.50 MTPA हो गई है। कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड ग्राइंडिंग कैपेसिटी अब 25.1 MTPA के स्तर पर पहुंच गई है, जिसे 9.74 MTPA की क्लिंकर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का सपोर्ट मिल रहा है।
Shiva Cement के साथ विलय का गणित
कंपनी ने अपनी लिस्टेड सब्सिडियरी Shiva Cement को JSW Cement में मिलाने का फैसला लिया है। डील की शर्तों के अनुसार, Shiva Cement के शेयरधारकों को हर 41 शेयर के बदले JSW Cement के 5 शेयर मिलेंगे। कंपनी का मानना है कि इस कदम से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा और रिजर्व्स का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
इस विलय और विस्तार की सफलता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी नॉर्थ इंडिया के प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी कैपेसिटी का कितना बेहतर उपयोग (Capacity Utilization) कर पाती है। पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब 12 से 14 महीने का समय लग सकता है, जिसके लिए NCLT और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज की मंजूरी अनिवार्य है।
इसके अलावा, पावर, फ्यूल और रॉ मटेरियल की बदलती कीमतें मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। निवेशकों को आने वाले समय में रेगुलेटरी अप्रूवल्स और प्रोडक्शन में तेजी पर नजर रखनी होगी।
