JLL ने हैदराबाद में 1,20,000 वर्ग फुट का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोला है, जो भारत में कंपनी का दूसरा ऐसा केंद्र है। कंपनी ने 1,600 कर्मचारियों की भर्ती की योजना बनाई है। यह हब वैश्विक ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने के लिए AI-संचालित वर्कफ़्लोज़ पर ध्यान केंद्रित करेगा।
रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म JLL ने भारत में अपना दूसरा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हैदराबाद के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में खोला है। यह 1,20,000 वर्ग फुट का सेंटर कंपनी के वैश्विक ऑपरेशन्स के लिए एक सेंट्रल हब के तौर पर काम करेगा। यह विस्तार गुरुग्राम में मौजूद सेंटर की सफलता के बाद किया गया है, जो भारत में कंपनी का सबसे बड़ा ऑपरेशनल बेस बना हुआ है।
कंपनी की अगले दो सालों में हैदराबाद सेंटर में 1,600 कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना है। इस भर्ती में फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसे हाई-वैल्यू फंक्शन्स शामिल होंगे। JLL इस फैसिलिटी को एक AI-फर्स्ट ऑपरेशन्स हब के रूप में स्थापित कर रहा है, जहाँ कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए उत्पादकता और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करेंगे।
यह निवेश JLL की 'एक्सेलरेट 2030' (Accelerate 2030) रणनीति का हिस्सा है। भारत में महत्वपूर्ण बिजनेस सर्विसेज को कंसॉलिडेट करके, कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन और एफिशिएंसी को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती है। इस कदम से JLL को भारत की स्पेशलाइज्ड टैलेंट पूल का लाभ मिलेगा, जो इन्वेस्टमेंट मॉडलिंग, आर्किटेक्चरल सर्विसेज और ग्लोबल कंट्रोलरशिप जैसे जटिल ग्लोबल वर्कफ़्लोज़ को मैनेज करने में मदद करेगा। इससे कंपनी दुनिया भर के अपने क्लाइंट्स को 24/7 सपोर्ट दे सकेगी।
फाइनेंशियल मोर्चे पर, JLL ने हाल ही में मजबूत परफॉर्मेंस दिखाई है। 2026 की दूसरी तिमाही में, कंपनी ने $6.9 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो अमेरिकी डॉलर में 11% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, कंपनी एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल का भी सामना कर रही है। कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर वर्तमान में ऊंचे इंटरेस्ट रेट्स और टाइट लेंडिंग कंडीशन्स के दबाव में है, जिसने कई प्रमुख बाजारों में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम को धीमा कर दिया है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
हैदराबाद में यह विस्तार JLL के सर्विस-लेड ग्रोथ मॉडल में दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि JLL इन ऑपरेशन्स के इंटीग्रेशन को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज करता है। इस हब की सफलता नए AI टेक्नोलॉजी को डिप्लॉय करते हुए उत्पादकता और सर्विस स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन सेंटरों से प्राप्त एफिशिएंसी गेन्स वैश्विक कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट को प्रभावित करने वाली व्यापक साइक्लिकल हेडविंड्स की भरपाई कर पाते हैं या नहीं।
