JK Tyre & Industries का यह बड़ा कदम कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग पावर को और मजबूत करेगा। कंपनी के बोर्ड ने ₹1,130 करोड़ के इन्वेस्टमेंट से 204 लाख टायर प्रति वर्ष की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता (Production Capacity) को मंजूरी दी है। यह विस्तार ट्रक और बस रेडियल (TBFR), ऑल स्टील लाइट ट्रक रेडियल (ASLTR) और पैसेंजर कार रेडियल (PCR) सेगमेंट में होगा।
यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कंपनी के विक्रांस (Vikrant), लक्सर (Laksar) और बानमोर (Banmore) प्लांट्स में पूरा किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2028 की दूसरी तिमाही (Q2FY28) तक इस विस्तार को पूरा करना है। इस भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए फंड की व्यवस्था कंपनी अपने आंतरिक स्रोतों (Internal Accruals) और डेट (Debt) के जरिए करेगी।
कंपनी का साफ मानना है कि भारतीय टायर मार्केट में डिमांड (Demand) बेहद मजबूत बनी हुई है। इस मजबूत मांग का फायदा उठाने और ऑटोमोटिव टायर सेक्टर में अपनी मार्केट प्रेजेंस (Market Presence) को और बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Risks & Outlook:
हालांकि, ₹1,130 करोड़ का यह बड़ा इन्वेस्टमेंट कंपनी के डेट लेवल (Debt Levels) को बढ़ा सकता है। निवेशकों की नजरें अब कंपनी के लेवरेज रेश्यो (Leverage Ratios) जैसे डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) और नेट डेट-टू-EBITDA पर पड़ने वाले असर पर रहेंगी। साथ ही, यह देखना होगा कि नई कैपेसिटी से कितना इंक्रीमेंटल प्रॉफिट (Incremental Profit) कमाया जा सकेगा। Q2FY28 तक प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक पूरा होना बेहद अहम होगा। इसके अलावा, मजबूत मांग (Robust Demand) का जारी रहना और प्रतिस्पर्धियों (Competitors) की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण फैक्टर होंगे।