इनपुट कॉस्ट का बढ़ता दबाव
Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक, JK Cement पर इनपुट कॉस्ट में हुई भारी बढ़त का असर साफ दिख रहा है। पेटकोक की कीमतें लगभग $20 प्रति टन बढ़ी हैं, जिससे लागत में ₹75-80 प्रति टन का इजाफा हुआ है। साथ ही, पैकेजिंग की लागत में वृद्धि से Q1 FY27 में ऑपरेशनल खर्चों के बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी का मैनेजमेंट ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स में सुधार के ज़रिए कॉस्ट सेविंग के तरीके तलाश रहा है, लेकिन इनपुट प्राइसेज के बढ़ते दबाव के सामने उनकी असरदारिता अभी साबित होनी बाकी है।
महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाएं
कॉस्ट प्रेशर के बावजूद, JK Cement अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी का लक्ष्य मीडियम टर्म में अपनी कैपेसिटी को 50 mtpa से ऊपर ले जाना है। इसमें H1 FY28 तक करीब 40 mtpa और FY29 तक लगभग 45 mtpa तक पहुंचने के प्रमुख माइलस्टोन शामिल हैं। यह विस्तार जैसलमेर, मुदप्पुर और पन्ना में चल रहे प्रोजेक्ट्स से संचालित होगा।
डेट और लिवरेज का आउटलुक
FY26 से FY28 के बीच ₹90 बिलियन के बड़े कैपेक्स (Capex) से JK Cement के नेट डेट में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। अनुमान है कि FY28 तक नेट डेट बढ़कर ₹79 बिलियन तक पहुंच सकता है। इससे नेट-डेट-टू-EBITDA रेश्यो FY28 तक बढ़कर 2.5x हो सकता है, जो पहले 2.0x के टारगेट से ज़्यादा है। यह लिवरेज में बढ़ोतरी निवेशकों के लिए कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर नज़र रखने का एक अहम पहलू है।
Motilal Oswal का नया नजरिया
इन सब फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए, Motilal Oswal ने FY27 और FY28 के लिए अपने EBITDA अनुमानों में लगभग 8% की कटौती की है। ब्रोकरेज फर्म ने JK Cement का वैल्यूएशन FY28E EV/EBITDA के 17x पर किया है, जिसके चलते टारगेट प्राइस को पिछले ₹6,780 से घटाकर ₹6,040 कर दिया गया है। टारगेट कट और लागत संबंधी चिंताओं के बावजूद, Motilal Oswal ने कंपनी की विस्तार-संचालित ग्रोथ में विश्वास जताते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है।