Italy-India Tech Partnership: भारत की मैन्युफैक्चरिंग में इटली का दबदबा! ऑटोमेशन और प्रिसिजन के लिए बनाKEY Partner

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Italy-India Tech Partnership: भारत की मैन्युफैक्चरिंग में इटली का दबदबा! ऑटोमेशन और प्रिसिजन के लिए बनाKEY Partner
Overview

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए इटली एक अहम टेक्नोलॉजी पार्टनर बनकर उभरा है। 2025 में इटली भारत का मेटल-फॉर्मिंग मशीन टूल्स का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर रहा, जिसका एक्सपोर्ट **8.5 करोड़ यूरो** का रहा। यह स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन पर फोकस करती है।

IMTEX 2026: भारत-इटली के बीच टेक्नोलॉजी का संगम

हाल ही में संपन्न हुए IMTEX 2026 एग्जीबिशन ने भारत और इटली के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इस एग्जीबिशन ने दिखाया कि कैसे इटली, भारत के महत्वाकांक्षी मैन्युफैक्चरिंग अपग्रेड प्लान्स में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 2025 में, इटली भारत को मेटल-फॉर्मिंग मशीन टूल्स सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना, जिसके एक्सपोर्ट का आंकड़ा 8.5 करोड़ यूरो रहा। यह भारत के मशीन टूल मार्केट का 10.14% हिस्सा है। भारत में ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और हैवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में ऑटोमेशन और हाई-प्रिसिजन मशीनों की मांग लगातार बढ़ रही है, और इटली इसी मांग को पूरा करने में आगे है। 'OpportunItaly' जैसे बिजनेस एक्सीलरेशन प्रोग्राम, जो इटली के विदेश मंत्रालय और इटालियन ट्रेड एजेंसी (ITA) की एक संयुक्त पहल है, इस जुड़ाव को एग्जीबिशन के बाद भी बनाए रखने में मदद कर रहा है।

इटली के एक्सपोर्ट में भारत की बढ़ती अहमियत

भले ही 2024 में इटली के घरेलू मशीन टूल प्रोडक्शन में 16.9% की गिरावट आई हो और यह 6.33 बिलियन यूरो पर आ गया हो, लेकिन एक्सपोर्ट के मोर्चे पर इटली ने शानदार प्रदर्शन किया है। 2024 में इटली का एक्सपोर्ट 1.2% बढ़कर रिकॉर्ड 4.27 बिलियन यूरो तक पहुंच गया। इस एक्सपोर्ट ग्रोथ में भारतीय मार्केट का योगदान बहुत बड़ा है। 2024 में इटली से भारत को मशीन टूल्स का एक्सपोर्ट 58.3% बढ़कर 18.5 करोड़ यूरो तक पहुंच गया। यह आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए कितनी तेज़ी से एडवांस टेक्नोलॉजी, कस्टमाइज्ड मशीनरी और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रहा है, जहां इटली की विशेषज्ञता काफी मायने रखती है।

भविष्य की राह: तेज रफ्तार भारत, सपोर्ट में इटली

भारत, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और इसका असर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) पर भी दिख रहा है। 2026-27 के यूनियन बजट में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह दिखाता है कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट पर कितना जोर दे रही है। इटली की कंपनी Prima Industries जैसे कुछ सेक्टर्स में थोड़ी नरमी दिखी है, जहां सेल्स ग्रोथ नेगेटिव रही, लेकिन इटली का मशीन टूल एक्सपोर्ट सेक्टर वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है और 2024 में एक्सपोर्ट में चौथे स्थान पर रहा। भारतीय मशीन टूल्स मार्केट में भी 2024 में 2.53 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 3.87 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 7.3% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद है। हाल ही में इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बनना भी इटली के एक्सपोर्ट को और कॉम्पिटिटिव बना सकता है, जिससे यह पार्टनरशिप और मजबूत होगी।

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