Interarch Building Solutions के लिए Q3 FY26 वाकई एक मील का पत्थर साबित हुआ। कंपनी ने ₹523 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही रेवेन्यू हासिल किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 43.7% की जबरदस्त बढ़ोतरी है।
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी के मुनाफे (Profit) में भी शानदार उछाल आया है। EBITDA 43.2% बढ़कर ₹50 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 32.1% की बढ़ोतरी के साथ ₹37 करोड़ रहा।
पूरे नौ महीनों (9M FY26) के दौरान, कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1,394 करोड़ और PAT ₹98 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 8.9% पर बना हुआ है।
इस दमदार नतीजे का असर शेयर बाजार में भी दिखा। Interarch Building Solutions के शेयर में मंगलवार को 10% का उछाल आया, वो भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में चार गुना से ज़्यादा की बढ़ोतरी के साथ। यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹1,266 से पहले ही 82% ऊपर चढ़ चुका है और फिलहाल ₹2,299.95 के करीब कारोबार कर रहा है।
हालांकि, कंपनी की वैल्यूएशन (Valuation) प्रीमियम पर है। इसका P/E रेश्यो करीब 26-30x है, जो कंस्ट्रक्शन सेक्टर के औसत ~13x से काफी ज़्यादा है। यह प्रीमियम कंपनी की हाई ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है, लेकिन गलतियों के लिए गुंजाइश कम है।
कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक ₹1,685 करोड़ (31 जनवरी 2026 तक) भविष्य की कमाई का भरोसा दिलाता है। इस ग्रोथ को बनाए रखने के लिए Interarch अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का तेजी से विस्तार कर रहा है। आंध्र प्रदेश में फैसिलिटी (Phase II) और गुजरात व आंध्र प्रदेश में हेवी स्टील स्ट्रक्चर्स के नए प्लांट पर काम चल रहा है, जो Q2 FY27 तक शुरू हो जाएंगे।
ऑटोमेशन पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि प्रोडक्शन और क्वालिटी दोनों बेहतर हो सकें।
भारतीय प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) मार्केट में ज़बरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है। अगले 5 सालों (2024-2029) में यह 13% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ सकता है, जो शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी पहलों से प्रेरित है। Interarch इस सेक्टर में 2nd नंबर पर है।
सरकार का इंफ्रा पर फोकस और बजट 2026-27 के ऐलान कंपनी के लिए बड़े बूस्टर साबित हो रहे हैं।
विश्लेषकों (Analysts) का भरोसा भी बना हुआ है। उन्होंने 'Strong Buy' रेटिंग दी है और 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹3,483 रखा है, जो मौजूदा भाव से 66% से ज़्यादा का रिटर्न दे सकता है।
कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और लिक्विडिटी भी मजबूत है।