Q3 FY26 में Inox Wind Limited के नतीजे सामने आए हैं, जो एक मिला-जुला संकेत दे रहे हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 115.7% की जबरदस्त बढ़त के साथ ₹126.33 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 32.5% बढ़कर ₹1,207.45 करोड़ दर्ज किया गया।
नौ महीनों की बात करें तो, स्टैंडअलोन PAT 136.6% उछलकर ₹459.89 करोड़ पर आ गया, जबकि कंसोलिडेटेड PAT 39.4% बढ़कर ₹344.64 करोड़ हुआ।
हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा गंभीर है। स्टैंडअलोन EBITDA (कुछ खास खर्चों को छोड़कर) पिछले साल की तुलना में 54.1% की भारी गिरावट के साथ ₹191.08 करोड़ पर आ गया। इससे स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन में भारी गिरावट आई, जो पिछले साल के 44.8% से घटकर इस तिमाही में लगभग 17.6% रह गया। कंसोलिडेटेड EBITDA में 8.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹312.59 करोड़ रहा, लेकिन यह PAT ग्रोथ के मुकाबले काफी कम है।
एक और बात जो ध्यान देने योग्य है, वह है स्टैंडअलोन नौ महीनों के नतीजों में 'अन्य आय' (Other Income) का ₹207.38 करोड़ पर पहुंच जाना, जो पिछले साल के ₹53.72 करोड़ से काफी ज्यादा है। इससे PAT को बढ़ाने में मदद मिली है।
रिस्क और चिंताएं
कंपनी के सामने कुछ बड़े रिस्क भी खड़े हैं। हाल ही में 6 एसपीवी (SPV) के प्रोजेक्ट कंप्लीशन डेट एक्सटेंशन को रिजेक्ट कर दिया गया था, जिसके चलते बैंक गारंटी इनवोक (invoke) कर ली गई हैं। अगर कंपनी की सब्सिडियरी IGESL फंड रिकवर नहीं कर पाती है, तो कंपनी पर बड़ा वित्तीय बोझ आ सकता है।
इसके अलावा, ऑडिटर ने कंसोलिडेटेड नतीजों पर कुछ महत्वपूर्ण ऑब्ज़र्वेशन्स (observations) दी हैं। इसमें O&M सेवाओं के रेवेन्यू रिकग्निशन (revenue recognition) की पॉलिसी और वर्क-इन-प्रोग्रेस इन्वेंटरी की वैल्यूएशन (inventory valuation) पर सवाल उठाए गए हैं।
कुछ लीगल मामले (litigation) भी लंबित हैं, हालांकि मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे जीतेंगे। नए लेबर कोड्स का भी कंपनी के फ्यूचर कॉस्ट पर असर पड़ सकता है, जिसका इवैल्यूएशन चल रहा है।
कॉर्पोरेट एक्शन
इस तिमाही में कुछ बड़े कॉर्पोरेट एक्शन भी हुए हैं। Inox Wind Energy Limited का Inox Wind Limited में अम्लगेमेशन (amalgamation) पूरा हो गया है, जिसके बाद पिछले अवधियों के आंकड़े फिर से तैयार किए गए हैं। साथ ही, ₹1,250 करोड़ के राइट्स इश्यू (rights issue) को भी अगस्त 2025 में पूरा कर लिया गया। सब्सिडियरी IGESL ने अपने पावर इवैक्यूएशन बिज़नेस को डीमर्ज (demerge) करने की मंजूरी दी है।
फिलहाल, मैनेजमेंट की ओर से कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई खास आउटलुक (outlook) या गाइडेंस (guidance) नहीं दिया गया है।
