Axis Securities: इंफ्रा स्टॉक्स में तूफानी तेजी का अनुमान, इन 3 शेयरों पर दांव

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AuthorAditya Rao|Published at:
Axis Securities: इंफ्रा स्टॉक्स में तूफानी तेजी का अनुमान, इन 3 शेयरों पर दांव
Overview

Axis Securities ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े ग्रोथ की उम्मीद जताई है। इसी के चलते उन्होंने Kalpataru Projects International, RITES, और Ahluwalia Contracts (India) को अपने टॉप पिक्स में शामिल किया है।

इंफ्रा सेक्टर में क्यों है तेजी की उम्मीद?

Axis Securities का मानना है कि सरकार के भारी कैपेक्स (Capex) और फेवरेबल पॉलिसी की वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसी को देखते हुए उन्होंने Kalpataru Projects International (KPI), RITES Ltd. और Ahluwalia Contracts (India) को खास निवेश के मौके के तौर पर चुना है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इन कंपनियों के पास मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतरीन एग्जीक्यूशन क्षमताएं हैं, जिससे इनमें बड़ा अपसाइड देखने को मिल सकता है।

ब्रोकरेज का बुलिश नज़रिया: टारगेट और ऑर्डर बुक

Axis Securities ने Kalpataru Projects International (KPI) पर 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,450 का टारगेट प्राइस दिया है, जो करीब 27% के उछाल का संकेत देता है। KPI के पास ₹63,287 करोड़ की जबरदस्त ऑर्डर बुक है, जो ट्रांसमिशन & डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) और बिल्डिंग्स & फैक्ट्रीज (B&F) जैसे सेगमेंट्स में फैली हुई है। कंपनी का रेवेन्यू FY27 तक 21% CAGR की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

RITES Ltd. के लिए ब्रोकरेज ने ₹275 का टारगेट ( 26% अपसाइड) तय किया है। कंपनी की ₹9,262 करोड़ की ऑर्डर बुक इसे अगले 2-2.5 सालों के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी दे रही है, खासकर कंसल्टेंसी सर्विसेज से। Ahluwalia Contracts (India) के लिए टारगेट ₹915 ( 13% अपसाइड) रखा गया है। इनकी ₹18,680 करोड़ की ऑर्डर बुक और मजबूत इनफ्लो एग्जीक्यूशन इसे FY26 गाइडेंस तक पहुंचाने में मदद करेगा।

सरकार का इंफ्रा पर फोकस लगातार बना हुआ है। यूनियन बजट 2026-27 में कैपेक्स को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है, जो इंफ्रा-बेस्ड ग्रोथ और अर्बन डेवलपमेंट पर सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। पावर T&D EPC मार्केट में खास ग्रोथ का अनुमान है।

वैल्यूएशन और अलग-अलग एनालिस्ट की राय: एक गंभीर नज़र

हालांकि, Axis Securities एक पॉजिटिव तस्वीर पेश कर रहा है, लेकिन मार्केट वैल्यूएशन और दूसरे एनालिस्ट की राय पर नज़र डालें तो कुछ संभावित चुनौतियां भी दिखती हैं। Kalpataru Projects International का P/E करीब 21-24x पर ट्रेड कर रहा है, जो पहले से ही काफी ग्रोथ को प्राइस-इन कर सकता है। Motilal Oswal ने भी KPI पर 'Buy' रेटिंग और ₹1,500 का टारगेट दिया है, लेकिन MarketsMojo ने इसे 'Hold' रेटिंग दी है, जो मौजूदा पोजीशन बनाए रखने की सलाह देती है।

RITES Ltd. के वैल्यूएशन पर खास चिंता जताई गई है, इसका P/E रेशियो 25-29x के बीच है, जो इसके पीयर्स (Peers) के मुकाबले काफी महंगा माना जा रहा है। Axis Securities की 'Buy' रेटिंग के बावजूद, MarketsMojo ने RITES को 'Sell' रेटिंग दी है। उन्होंने इसके बहुत महंगे वैल्यूएशन और पिछले 5 सालों से फ्लैट फाइनेंशियल परफॉरमेंस का हवाला दिया है।

Ahluwalia Contracts (India) का P/E करीब 20-23x पर है। Axis Securities की 'Buy' रेटिंग के साथ, दूसरे ब्रोकर्स की राय मिली-जुली है, कुछ 'Buy' तो कुछ 'Add' की सलाह दे रहे हैं, जिससे एक आम राय 'Hold' बन रही है। MarketsMojo इसे 'Hold' रेटिंग देता है, कंपनी की क्वालिटी को स्वीकार करता है लेकिन टेक्निकल सावधानी बरतने की सलाह देता है।

एग्जीक्यूशन की दिक्कतें और सेक्टर-स्पेसिफिक रिस्क

वैल्यूएशन के अलावा, एग्जीक्यूशन रिस्क भी साफ दिख रहा है। Ahluwalia Contracts की 40-46% ऑर्डर बुक NCR रीजन पर निर्भर करती है, जो NGT (National Green Tribunal) द्वारा लगाए जाने वाले कंस्ट्रक्शन बैन जैसे रेगुलेटरी इम्पैक्ट्स के प्रति संवेदनशील है। इसी वजह से इसके FY26 रेवेन्यू गाइडेंस को रिवाइज करना पड़ा है। कंपनी पर लगभग ₹2,507 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज़ भी हैं।

Kalpataru Projects International के लिए, हालांकि ऑर्डर एग्जीक्यूशन मजबूत है, लेकिन स्टील जैसी कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट्स में देरी का जोखिम बना हुआ है। इसके मुकाबले PNC Infratech और KNR Constructions जैसी कंपनियां काफी कम P/E मल्टीपल्स (लगभग 7-11x और 4-9x रिस्पेक्टिवली) पर ट्रेड कर रही हैं।

RITES के लिए FY25-FY27 के दौरान 10% CAGR का रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान, इसके हाई P/E रेशियो को देखते हुए थोड़ा कम लगता है, जिससे इसकी वर्तमान वैल्यूएशन को बनाए रखने की स्थिरता पर सवाल उठते हैं। साथ ही, हालिया रेवेन्यू परफॉरमेंस नेगेटिव रहा है।

सेक्टर को सपोर्ट करने वाले फैक्टर्स और भविष्य का नज़रिया

इन व्यक्तिगत चिंताओं के बावजूद, व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर मजबूत डोमेस्टिक टेलविंड्स (Tailwinds) से लाभान्वित हो रहा है। सरकार का लगातार कैपेक्स पुश, रिन्यूएबल एनर्जी को सपोर्ट करने के लिए पावर T&D इंफ्रा में ग्रोथ, और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड जैसी पहलें EPC सेवाओं की लगातार मांग को बढ़ाएंगी। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन EPC मार्केट में महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है, जो मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमताओं वाले स्थापित खिलाड़ियों के लिए अवसर पैदा करेगा।

अंततः, इंफ्रा बूम जहां महत्वपूर्ण क्षमताएं प्रदान करता है, वहीं निवेशकों को एक जटिल माहौल में नेविगेट करना होगा। इन कंपनियों के लिए एनालिस्ट की राय में भिन्नता, ग्रोथ फोरकास्ट और ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन रिस्क के मुकाबले वैल्यूएशन मल्टीपल्स का गहन मूल्यांकन करने की आवश्यकता को दर्शाती है, जो आम सहमति से परे जाकर जोखिम-इनाम प्रोफाइल का आकलन करे।

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