इन्फ्रा बिल्डर्स की मांग: वित्त मंत्रालय विवाद समाधान योजना को पुनर्जीवित करे

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AuthorAditya Rao|Published at:
इन्फ्रा बिल्डर्स की मांग: वित्त मंत्रालय विवाद समाधान योजना को पुनर्जीवित करे
Overview

नेशनल हाईवे बिल्डर्स फेडरेशन (NHBF) ने वित्त मंत्रालय से सड़क और कोर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के लिए 'विवाद से विश्वास II' योजना को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया है। इसका उद्देश्य पुराने विवादों का तेजी से समाधान करना, ठेकेदारों और अधिकारियों के नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) में सुधार करना और लंबे मुकदमों के कारण पड़ने वाले वित्तीय दबाव को कम करके निवेशकों का विश्वास बढ़ाना है।

नेशनल हाईवे बिल्डर्स फेडरेशन (NHBF) ने वित्त मंत्रालय से 'विवाद से विश्वास II' (संविदात्मक विवाद) योजना को पुनर्जीवित करने या इसी तरह की एकमुश्त निपटान खिड़की (one-time settlement window) पेश करने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह पहल विशेष रूप से सड़क और कोर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों को लक्षित करती है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे विवादों को तेजी से समाप्त करना है। फेडरेशन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विवादों के शीघ्र समाधान को बढ़ावा देने के लिए इस योजना का पुनरुद्धार महत्वपूर्ण है। NHBF ने 9 जनवरी, 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपना अनुरोध प्रस्तुत किया। संगठन ने कहा कि संशोधित कट-ऑफ तिथियों (cut-off dates) और विस्तारित समय-सीमाओं (timelines) के साथ योजना को फिर से लागू करने से परियोजना अधिकारियों और ठेकेदारों दोनों के लिए नकदी प्रवाह (cash flow) में काफी सुधार होगा। यह कदम व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) में सुधार करने और सार्वजनिक अनुबंधों के भीतर विवादों के समय पर समाधान सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछली योजना के सकारात्मक परिणामों के बावजूद, काफी संख्या में संविदात्मक विवाद अभी भी बने हुए हैं। इन अनसुलझे मुद्दों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) शामिल हैं। NHBF के अनुसार, ये चल रहे विवाद सरकारी निकायों के लिए निरंतर ब्याज देनदारियों (interest liabilities) का कारण बनते हैं और रियायतग्राहकों (concessionaires) और ठेकेदारों के वित्तीय स्वास्थ्य और नकदी प्रवाह पर गंभीर दबाव डालते हैं। लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी प्रक्रिया इसमें शामिल सभी पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेशक भावना (investor sentiment) को भी कमजोर करता है, जो आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। NHBF ने इस बात पर जोर दिया कि त्वरित और प्रभावी विवाद निपटान तंत्र (dispute settlement mechanisms) इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

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