Indraprastha Gas Share: महंगे गैस का डबल अटैक! IGL के मुनाफे में **21%** की भारी गिरावट, शेयर पर दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indraprastha Gas Share: महंगे गैस का डबल अटैक! IGL के मुनाफे में **21%** की भारी गिरावट, शेयर पर दबाव
Overview

Indraprastha Gas Ltd. (IGL) के निवेशकों के लिए बुरी खबर सामने आई है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) में पिछले साल के मुकाबले **21%** का भारी मुनाफा (Profit) घाटा दर्ज किया है। नेट प्रॉफिट **₹277.1 करोड़** रहा, जबकि कंपनी का रेवेन्यू **5.7%** बढ़कर **₹4,584.5 करोड़** तक पहुंचने में कामयाब रहा।

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महंगा गैस और वैश्विक तनाव बना वजह

मुनाफे में इस गिरावट की मुख्य वजह गैस की खरीद लागत (Procurement Cost) में आई भारी बढ़ोतरी रही। भले ही कंपनी का रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹4,584.5 करोड़ हो गया, लेकिन इनपुट लागतें बढ़ने से कंपनी का नेट प्रॉफिट 21% गिरकर ₹277.1 करोड़ रह गया। परिचालन (Operations) पर भी दबाव दिखा; EBITDA 11% घटकर ₹423 करोड़ पर आ गया, और EBITDA मार्जिन 10.1% पर सिमट गए, जो पिछले साल इसी तिमाही में 11.6% थे। यूनिट EBITDA में 16% की गिरावट देखी गई, जिसका सीधा संबंध गैस की लागत में 2.8% की बढ़ोतरी से है, जो ₹36.8 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (scm) तक पहुंच गई।

बाजार में भी इस खबर का असर दिखा। IGL का शेयर सोमवार को 0.32% की मामूली गिरावट के साथ ₹152.12 पर बंद हुआ। पिछले 12 महीनों में शेयर 27.51% तक लुढ़क चुका है।

ग्लोबल टेंशन का गैस सप्लाई पर असर

इस स्थिति के पीछे का मुख्य कारण वेस्ट एशिया (West Asia) में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) है। अमेरिका-ईरान (US-Iran) के बीच बढ़ते टकराव ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई लाइनों को बाधित किया है, खासकर कतर एनर्जी (Qatar Energy) से आने वाली शिपमेंट्स पर असर पड़ा है। इन सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते गैस की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।

हालांकि, IGL ने मई में सीएनजी (CNG) की कीमतें दो बार बढ़ाई हैं, लेकिन यह एक अहम सवाल है कि क्या यह पूरी बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डाली जा सकेगी, या इससे डिमांड कम हो जाएगी और कंपनी अपना मार्केट शेयर खो देगी।

इसी तरह की मुश्किलों का सामना दूसरी बड़ी गैस वितरण कंपनी Mahanagar Gas Ltd. (MGL) भी कर रही है। अच्छी बात यह है कि दोनों कंपनियों के बैलेंस शीट काफी मजबूत हैं और उन पर कर्ज (Debt) न के बराबर है। IGL का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) सिर्फ 0.01 है, जबकि MGL का 0.03 है।

डिमांड और फ्यूचर ग्रोथ पर जोखिम

शेयरधारकों को रिटर्न देने के लिए, कंपनी ने FY26 के लिए ₹4.75 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) घोषित किया है। लेकिन, इंपोर्टेड एलएनजी (LNG) पर निर्भरता कंपनी को ग्लोबल इवेंट्स और करेंसी के उतार-चढ़ाव के प्रति बेहद संवेदनशील बनाती है।

बार-बार कीमतें बढ़ाना, मार्जिन बचाने के लिए जरूरी होने पर भी, डिमांड ग्रोथ को धीमा कर सकता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) का बढ़ता चलन भविष्य में सीएनजी (CNG) मार्केट के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

एनालिस्ट्स की राय और कंपनी का प्लान

बाजार विश्लेषकों (Analysts) का IGL पर मिला-जुला लेकिन सतर्क रुख बना हुआ है। उनका औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹165.00 है, जो मौजूदा स्तरों से सीमित बढ़त का संकेत देता है। वहीं, कुछ विश्लेषकों ने इसे ₹267.75 तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

दूसरी तरफ, MGL को लेकर एनालिस्ट्स की राय 'मॉडरेट सेल' (Moderate Sell) की है, और उनका औसत टारगेट प्राइस ₹1,000.00 है।

आगे चलकर, IGL के लिए अपने PNG नेटवर्क का विस्तार करना और स्मार्ट प्रोक्योरमेंट व प्राइसिंग रणनीतियों के जरिए इनपुट लागतों का प्रबंधन करना बेहद अहम होगा। 3% से ऊपर वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखना और नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना FY27 और उसके बाद कंपनी की दिशा तय करेगा।

कंपनी 19 मई 2026 को अपनी कमाई की कॉन्फ्रेंस कॉल (Earnings Conference Call) में इन बदलती बाजार स्थितियों पर मैनेजमेंट की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.