डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़ा दांव
Indo National ने मंगलवार को शेयर बाजार में धूम मचा दी। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम करने वाली Aidin Technologies में 51% हिस्सेदारी ₹78.05 करोड़ में खरीदने को मंजूरी दे दी है। इस बड़े अधिग्रहण की खबर आते ही कंपनी के शेयरों में 19.08% का जोरदार उछाल आया और यह ₹412.85 के स्तर पर पहुंच गए। यह कदम Indo National के लिए अपने पारंपरिक कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस से हटकर एक नए और तेजी से बढ़ते डिफेंस मार्केट में ग्रोथ का नया पिलर खड़ा करने का इशारा है।
Aidin Technologies: ग्रोथ का नया इंजन
Aidin Technologies डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, डिफेंस कम्युनिकेशंस, एंटी-ड्रोन सिस्टम और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में माहिर है। कंपनी ने अपने रेवेन्यू में लगातार अच्छी ग्रोथ दिखाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Aidin Technologies ने FY25 में ₹74.31 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो FY23 में ₹15.80 करोड़ था। Indo National, Aidin की विशेषज्ञता का फायदा उठाकर बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) सेक्टर में एक मजबूत प्लेयर बनने की तैयारी में है।
मार्केट पोटेंशियल और स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट
यह स्ट्रेटेजिक मूव भारत सरकार के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता (Indigenisation) को बढ़ावा देने के प्लान के साथ पूरी तरह मेल खाता है। भारत में घरेलू डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट का साइज करीब ₹25,000 करोड़ है और इसके 12-14% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। इस सेक्टर में एंट्री करके, Indo National अपने स्थापित कंज्यूमर-केंद्रित बिजनेस को हाई-टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल अवसरों के साथ संतुलित करना चाहता है, जिससे भविष्य में रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
आगे क्या?
इस अधिग्रहण के अलावा, Indo National अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की समीक्षा के लिए 15 मई 2026 को बोर्ड मीटिंग करने वाली है। इस मीटिंग में 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजों पर चर्चा होगी और संभव है कि कंपनी डिविडेंड की सिफारिशें भी जारी करे। मंगलवार को शेयरों में जबरदस्त तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल देखा गया। आज 1.57 लाख से ज्यादा शेयर ट्रेड हुए, जो पिछले 20 दिनों के औसत 20,460 शेयरों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे निवेशकों की बढ़ी हुई दिलचस्पी का पता चलता है।
