Precision engineering कंपनी Indo-MIM का IPO जबरदस्त हिट रहा! निवेशकों ने **72.34 गुना** बोली लगाई, खासकर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की तरफ से भारी डिमांड देखी गई। कंपनी **₹500 करोड़** जुटाए हैं, जिनका इस्तेमाल कर्ज़ चुकाने में होगा। शेयर **30 जुलाई** को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।
Indo-MIM की शेयर बाज़ार में धमाकेदार एंट्री!
Precision engineering के क्षेत्र में जानी-मानी कंपनी Indo-MIM अब शेयर बाज़ार में कदम रखने को तैयार है। 30 जुलाई को कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। कंपनी का IPO हाल ही में बंद हुआ और निवेशकों ने इस पर 72.34 गुना से ज़्यादा का भरोसा जताया। कुल 3.98 अरब शेयर के लिए बोली लगाई गई, जबकि ऑफर सिर्फ 55.09 मिलियन का था।
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा
IPO में सभी तरह के निवेशकों की ओर से ज़बरदस्त दिलचस्पी देखी गई:
- Qualified Institutional Buyers (QIBs): इन्होंने 204.34 गुना ज़्यादा बोली लगाई, जो इनकी तरफ से दमदार निवेश का संकेत है।
- Non-Institutional Investors (NIIs): इनकी भागीदारी 50.63 गुना रही।
- Retail Investors: आम निवेशकों ने 6.67 गुना ज़्यादा सब्स्क्रिप्शन दिया।
कुल IPO साइज ₹3,811.21 करोड़ का था, जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरहोल्डर्स द्वारा ₹3,311.21 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इससे पहले, कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹1,141 करोड़ जुटाए थे, इश्यू प्राइस ₹485 प्रति शेयर रखा गया था।
कर्ज़ चुकाने और मुनाफे का प्लान
Indo-MIM ने IPO से जुटाई गई ₹500 करोड़ की रकम में से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज़ को चुकाने के लिए करने की योजना बनाई है। यह कदम कंपनी के लिए लागत कम करने और भविष्य में कैश फ्लो बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
अगर कंपनी के नतीजों की बात करें, तो मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में Indo-MIM ने ₹533.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 25.9% ज़्यादा है। वहीं, रेवेन्यू में भी 25.9% की बढ़ोतरी के साथ ₹4,193 करोड़ दर्ज किया गया।
बाज़ार की उम्मीदें
ग्रे मार्केट (Grey Market) के जानकारों की मानें तो Indo-MIM के शेयर इश्यू प्राइस ₹485 से करीब 38% बढ़कर ₹665 के आसपास लिस्ट हो सकते हैं। हालांकि, यह एक अनुमान है और ग्रे मार्केट प्रीमियम की कीमतें रोज़ बदलती रहती हैं। 30 जुलाई को 10:00 AM पर कंपनी के शेयर BSE और NSE पर ट्रेड करना शुरू करेंगे। निवेशकों की नज़र अब कंपनी के मैनेजमेंट और भविष्य की ग्रोथ पर रहेगी।
