बेंगलुरु की प्रीसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Indo-MIM ने अपने IPO से जुटाए जाने वाले पैसों में बड़ी कटौती का फैसला किया है। कंपनी अब **₹1,000 करोड़** की जगह **₹500 करोड़** का फ्रेश इश्यू लाएगी। यह फैसला SEBI के नए नियमों के तहत लिया गया है, जो कंपनियों को DRHP फाइल किए बिना इश्यू साइज बदलने की छूट देते हैं।
IPO में कटौती और कर्ज चुकाने की तैयारी
Indo-MIM ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के साइज को घटाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी ने 14 जुलाई 2026 को जारी एक नोटिस में बताया है कि फ्रेश इश्यू के तहत अब ₹500 करोड़ जुटाए जाएंगे। यह सितंबर 2025 में फाइल किए गए ₹1,000 करोड़ के प्रस्ताव से 50% कम है। कंपनी को 25 जून 2026 को SEBI से इस बदलाव के लिए मंजूरी मिली थी, जिसके बाद 12 जून 2026 को एक रिक्वेस्ट सबमिट की गई थी। इस बदलाव का खास पहलू यह है कि यह SEBI के उन नए नियमों का इस्तेमाल करता है, जिनसे कंपनियां ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को दोबारा फाइल किए बिना अपने इश्यू साइज को 50% तक बदल सकती हैं।
ऑफर-फॉर-सेल (OFS) और फंड का इस्तेमाल
फ्रेश इश्यू में कटौती के साथ-साथ, ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत 6.82 करोड़ इक्विटी शेयरों को भी एडजस्ट किया गया है। इसमें ग्रीन मेडोज इन्वेस्टमेंट्स 6.05 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है, साथ ही अनुराधा कोडुरी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास भी इसमें शामिल हैं। हालांकि, जॉन एंथोनी डेक्सहाइमर ने 14 लाख शेयरों की प्रस्तावित बिक्री वापस ले ली है। अब ₹500 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ, कंपनी ने फंड के इस्तेमाल की योजना को भी अपडेट किया है। इस रकम में से करीब ₹400 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा लोन चुकाने में किया जाएगा, जबकि बाकी रकम का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। यह कदम पब्लिक लिस्टिंग के जरिए कर्ज का बोझ कम करने पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है।
कंपनी का बिजनेस और ग्लोबल मौजूदगी
Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) तकनीक में माहिर है, जिसका इस्तेमाल जटिल और हाई-प्रिसिजन मेटल पार्ट्स बनाने के लिए होता है। कंपनी ऑटोमोटिव, मेडिकल, डिफेंस, एयरोस्पेस और कंज्यूमर गुड्स जैसे कई सेक्टर्स को अपनी सेवाएं देती है। मार्च 2025 तक, कंपनी की भारत, अमेरिका, यूके और मैक्सिको में 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के साथ एक मजबूत ग्लोबल उपस्थिति है। कंपनी का दावा है कि वह दुनिया भर में MIM प्रोडक्ट्स के लिए सबसे बड़ी इंस्टॉल कैपेसिटी में से एक ऑपरेट करती है। इस IPO को मैनेज करने वाले सिंडिकेट में HDFC बैंक, एक्सिस कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी और SBI कैपिटल मार्केट्स जैसे प्रमुख फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस शामिल हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी द्वारा IPO स्ट्रक्चर में किए गए इस बदलाव के बाद, निवेशक नई समय-सीमा और फंड के इस्तेमाल को लेकर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर बारीकी से नजर रखेंगे। संभावित शेयरधारकों के लिए मुख्य बातों में कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता, कर्ज का प्रबंधन, और अमेरिका व यूके जैसे प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में प्रिसिजन कंपोनेंट्स की डिमांड का आउटलुक शामिल होगा। इसके अलावा, कंपनी की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का उपयोग करने में उसकी प्रगति भी लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
