पावर ग्रिड विस्तार से कंपनियों को बम्पर फायदा
भारत अपने पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को मिल रहा है। ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने वाली कंपनियों के शेयरों में 2026 में ही 94% तक की शानदार तेजी आई है। इस उछाल की बड़ी वजह 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी का लक्ष्य है, जिसे शायद और बढ़ाया भी जाए। इन जनरेशन गोल्स को पूरा करने के लिए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी बड़े पैमाने पर निर्माण जरूरी है।
आने वाले समय में मोटा निवेश
आंकड़े बताते हैं कि 2032 तक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब ₹9 लाख करोड़ का निवेश होने का अनुमान है। यह बड़ा निवेश ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हर गीगावाट नई पावर जनरेशन कैपेसिटी के लिए अलग-अलग वोल्टेज लेवल पर ट्रांसफॉर्मर कैपेसिटी में 8 से 11 गुना बढ़ोतरी की जरूरत पड़ती है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, Atlanta Electricals और Quality Power जैसी कंपनियां इस बूम का भरपूर फायदा उठा रही हैं, जिनके शेयर रॉकेट की तरह ऊपर चढ़े हैं।
Atlanta Electricals का नया दांव
Atlanta Electricals, जो पावर, ऑटो-ट्रांसफॉर्मर और इन्वर्टर-ड्यूटी ट्रांसफॉर्मर बनाती है, ने FY26 में अपने रेवेन्यू में 49% का इजाफा दर्ज किया, जो ₹1,852 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 78% बढ़कर ₹344 करोड़ हो गया, और मार्जिन भी सुधरकर 18.6% पर पहुंच गया। कंपनी ने अब हाई-मार्जिन वाले एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज (EHV) ट्रांसफॉर्मर, खासकर 400-kV और 765-kV कैटेगरी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। पहले कंपनी 220-kV सेगमेंट में काम करती थी, जिसमें लगभग 200 बेसिस पॉइंट्स कम मार्जिन मिलता था। EHV सेगमेंट में एंट्री बैरियर काफी ऊंचे हैं, जिनमें कैपिटल रिक्वायरमेंट और रेगुलेटरी अप्रूवल शामिल हैं, जिससे कंपनी की पोजीशन और मजबूत होती है। Atlanta ने अप्रैल 2026 में एक अहम 400-kV का ऑर्डर हासिल किया है और FY27 से इस सेगमेंट से अच्छी कमाई की उम्मीद कर रही है। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹2,493 करोड़ का है, जिससे अगले 12 से 18 महीनों की विजिबिलिटी मिलती है।
Quality Power का विस्तार और डाइवर्सिफिकेशन
High-voltage ग्रिड कनेक्टिविटी इक्विपमेंट बनाने वाली Quality Power ने भी शानदार फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। FY26 में रेवेन्यू 157% उछलकर ₹1,007 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 98% बढ़कर ₹236 करोड़ दर्ज किया गया। नेट प्रॉफिट 85% की बढ़ोतरी के साथ ₹186 करोड़ रहा। कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ा रही है और प्रोडक्ट्स की रेंज को डाइवर्सिफाई कर रही है। इसके तहत, एक ग्लोबल कॉइल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाई जा रही है और 765-kV प्रोडक्ट्स व गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। Quality Power अब ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में भी कदम रख रही है और पावर कन्वर्जन सिस्टम (PCS) इन्वर्टर लॉन्च करने की भी योजना है। इसके अलावा, कंपनी ग्लोबल डेटा सेंटर्स की मांग को भी पूरा कर रही है, अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के क्लाइंट्स को बैकअप पावर इक्विपमेंट सप्लाई कर रही है।
वैल्युएशन की चिंता
इन कंपनियों ने भले ही शानदार प्रदर्शन किया हो, लेकिन Atlanta Electricals और Quality Power, दोनों ही हाई प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं। इन वैल्युएशन्स को बनाए रखने के लिए कंपनियों को अपने प्रोडक्शन को बढ़ाना होगा, ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलना होगा और साथ ही कॉपर और एल्युमीनियम जैसी कमोडिटीज की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से निपटना होगा।
