भारत में स्टील की कीमतें लगातार तीसरे महीने बढ़ गई हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) का भाव **₹64,700** प्रति टन तक पहुंच गया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
भारत में स्टील की कीमतों में अक्टूबर के दौरान भी तेजी का सिलसिला बरकरार है, जो लगातार तीसरा महीना है जब दाम बढ़े हैं। स्टील उत्पादकों ने कीमतों में ₹2,000 से ₹2,700 प्रति टन तक का इजाफा किया है, जिससे बेंचमार्क हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) अब ₹64,700 प्रति टन पर कारोबार कर रहा है। यह स्तर साल 2022 के मध्य के बाद के उच्चतम स्तरों के करीब है।
इस तेजी की असली वजह
स्टील की कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत है, विशेष रूप से आयातित कोकिंग और थर्मल कोल। स्टील उत्पादन पूरी तरह से इन इनपुट्स पर निर्भर है और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव का सीधा असर प्रोडक्शन कॉस्ट पर पड़ रहा है। इसके अलावा, कई मिलों में शटडाउन के कारण सप्लाई में आई कमी ने कंपनियों को दाम बढ़ाने का मौका दिया है।
डिमांड और फाइनेंशियल चुनौतियां
भारत में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर से स्टील की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। अनुमान है कि 2026 तक स्टील की खपत में 7.9% तक की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। Tata Steel और JSW Steel जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी वॉल्यूम बनाए रखने में सफल रही हैं।
हालांकि, निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता प्रॉफिट मार्जिन को लेकर है। फाइनेंशियल एनालिस्ट्स के मुताबिक, FY2027 तक सेक्टर का डेट-टू-ऑपरेटिंग-प्रॉफिट रेशियो करीब 3.0x तक पहुंचने का अनुमान है। अगर मांग में अचानक सुस्ती आती है या कच्चे माल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो स्टील कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ पर दबाव बढ़ सकता है। बाजार अब अगली तिमाही के नतीजों पर नजर रखेगा कि कंपनियां बढ़ती महंगाई के बीच अपने मार्जिन को कैसे बचाती हैं।
