प्रमोटरों का दमदार दांव: $4 बिलियन से ज्यादा का निवेश, बाजार में क्यों आई ये तेजी?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
प्रमोटरों का दमदार दांव: $4 बिलियन से ज्यादा का निवेश, बाजार में क्यों आई ये तेजी?
Overview

भारतीय प्रमोटरों ने **2026** में अपना नज़रिया बदल दिया है। दो साल की भारी बिकवाली के बाद, वे अब **$4 बिलियन (लगभग ₹33,000 करोड़)** से अधिक का निवेश कर रहे हैं। यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में लगाया जा रहा है, क्योंकि बाजार की वैल्यूएशन (Valuation) अब थोड़ी नरम पड़ गई है। Adani Enterprises, GMR Airports और JSW Energy जैसी कंपनियों में खासकर यह रुझान दिख रहा है।

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यह 2026 का साल भारतीय शेयर बाज़ार के प्रमोटरों के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो रहा है। पिछले 2024 और 2025 में जहाँ उन्होंने $56 बिलियन (लगभग ₹4.6 लाख करोड़) से अधिक की हिस्सेदारी बेची थी, वहीं अब वे $4 बिलियन (लगभग ₹33,000 करोड़) से ज्यादा का निवेश करके बाज़ार में वापसी कर रहे हैं। इस बदलाव की मुख्य वजह बाज़ार की वैल्यूएशन (Valuation) का नरम पड़ना है। MSCI India का फॉरवर्ड P/E मल्टीपल (Price-to-Earnings Multiple) मार्च 2026 तक घटकर लगभग 22.57x पर आ गया है, जिससे कंपनियों में निवेश के बेहतर मौके बन रहे हैं।

प्रमोटरों का यह नया निवेश खास तौर पर उन सेक्टर्स में हो रहा है जहाँ बड़े और लंबे समय के निवेश की ज़रूरत होती है, जैसे पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट। ये 'एसेट-हैवी' सेक्टर्स (Asset-heavy Sectors) कहलाते हैं।

इस ट्रेंड में सबसे आगे Adani Enterprises है, जिसके प्रमोटरों ने $2 बिलियन (लगभग ₹16,600 करोड़) का निवेश राइट्स इश्यू (Rights Issue) के ज़रिए किया है। यह निवेश 21.75x से 28.7x के P/E रेश्यो पर हुआ है। वहीं, GMR Airports में प्रमोटरों ने $1 बिलियन (लगभग ₹8,300 करोड़) का निवेश किया है, जिसमें ज़्यादातर डोमेस्टिक निवेशक (Domestic Investors) विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी खरीद रहे हैं। GMR Airports का P/E रेश्यो नेगेटिव है, जो कंपनी के घाटे को दिखाता है, लेकिन एनालिस्ट्स (Analysts) ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है और ₹114.57 का टारगेट प्राइस (Target Price) दिया है। JSW Energy ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के ज़रिए $317 मिलियन (लगभग ₹2,630 करोड़) जुटाए हैं, और यह 36x से 39x के P/E पर ट्रेड कर रहा है। एनालिस्ट्स इसे 'Outperform' रेटिंग देते हुए ₹570-₹600 का टारगेट दे रहे हैं।

रियल एस्टेट में Godrej Properties ने ओपन मार्केट (Open Market) से $258 मिलियन (लगभग ₹2,140 करोड़) की खरीदारी देखी है। इस सेक्टर में 2026 में 4-8% की ग्रोथ का अनुमान है, खासकर मिड-इनकम हाउसिंग (Mid-income Housing) की मांग से। Godrej Properties के लिए 'Buy' कंसेंसस (Consensus) और ₹2096-₹2272 के टारगेट प्राइस हैं। Adani Energy Solutions ने भी ओपन मार्केट से $197 मिलियन (लगभग ₹1,630 करोड़) जुटाए हैं, हालांकि इसका P/E रेश्यो 71x से 300x से भी ऊपर है, जो चिंता का विषय है। अन्य कंपनियों में Maruti Suzuki ($123 मिलियन, P/E ~26x-28x), Grasim Industries ($108 मिलियन, P/E ~20x-48x), Jindal Stainless ($58 मिलियन, P/E ~16x-22x), Lodha Developers ($44 मिलियन, P/E ~25x-30x), और Indus Towers ($29 मिलियन, P/E ~10x-15x) शामिल हैं।

हालांकि प्रमोटरों की खरीदारी अक्सर कंपनी में भरोसे का संकेत देती है, लेकिन कुछ कंपनियों में हाई वैल्यूएशन (High Valuation) या ऑपरेशनल दिक्कतों (Operational Issues) को ध्यान से देखना ज़रूरी है। Adani Energy Solutions का बहुत ऊंचा P/E और एनालिस्ट्स के टारगेट प्राइस इसके संभावित डाउनसाइड (Downside) की ओर इशारा करते हैं। GMR Airports का नेगेटिव P/E बताता है कि कंपनी अभी भी घाटे में है, ऐसे में प्रमोटरों की हिस्सेदारी खरीद का मकसद तुरंत मुनाफा कमाने से ज़्यादा कंट्रोल हासिल करना हो सकता है। JSW Energy, Godrej Properties और Grasim Industries जैसी कंपनियों में पहले से ही बढ़त का अनुमान स्टॉक प्राइस में शामिल है। किसी भी एग्जीक्यूशन में गड़बड़ी या बाज़ार में बदलाव से इनके स्टॉक में गिरावट आ सकती है। Grasim Industries का करीब 45x का P/E और पीयर ग्रुप (Peer Group) से ज़्यादा Debt-to-Equity ratio भी जांच का विषय है।

सेक्टर के आउटलुक (Outlook) की बात करें तो, पावर सेक्टर में सालाना 6% या उससे ज़्यादा की मज़बूत मांग देखी जा रही है, और पीक डिमांड (Peak Demand) 270 GW के करीब पहुँच रही है। यह JSW Energy और Adani Energy Solutions जैसी कंपनियों के लिए अच्छा है, हालांकि Adani Energy का वैल्यूएशन एक बड़ा जोखिम है। रियल एस्टेट सेक्टर 2026 में 4-8% की स्थिर ग्रोथ दिखा सकता है, खासकर मिड-इनकम हाउसिंग की मांग के कारण। Lodha Developers और Godrej Properties को इससे फायदा मिल सकता है। Jindal Stainless अपने किफायती P/E और एनालिस्ट्स की मजबूत 'बाय' रेटिंग के साथ मेटल सेक्टर में आकर्षक लग रहा है। Indus Towers, जो इन कंपनियों में सबसे कम P/E पर है, एक स्थिर, हालांकि धीमी गति की ग्रोथ वाली अपॉर्च्युनिटी (Opportunity) प्रदान करता है। एनालिस्ट्स इसे न्यूट्रल (Neutral) से लेकर 'मॉडरेट बाय' (Moderately Buy) की रेटिंग दे रहे हैं।

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