भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी: L&T के बड़े ऑर्डर और रिन्यूएबल्स से स्टॉक्स को मिली रफ्तार!

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी: L&T के बड़े ऑर्डर और रिन्यूएबल्स से स्टॉक्स को मिली रफ्तार!
Overview

25 मार्च 2026 को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में रिकवरी आई, जिसमें खरीदारी की रुचि विभिन्न सेक्टरों में फैल गई। Shriram Finance, एक प्रमुख NBFC, हालिया गिरावट के बाद अपने शेयरों में **6%** से अधिक की वृद्धि देखी। Larsen & Toubro के शेयर को एक महत्वपूर्ण जल अवसंरचना (water infrastructure) ऑर्डर मिलने के बाद मजबूती मिली। रिन्यूएबल एनर्जी फर्मों को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतकों से बढ़ावा मिला।

ग्रोथ ड्राइवरों पर फोकस

शेयर बाजार अब सिर्फ इंडेक्स की चाल पर नहीं, बल्कि ग्रोथ के खास ड्राइवरों पर फोकस कर रहा है। भले ही ओवरऑल सेंटीमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन इंडिविजुअल स्टॉक परफॉर्मेंस दिखा रही है कि निवेशक नई डील, स्ट्रेटेजिक प्लान्स और इंफ्रास्ट्रक्चर व रिन्यूएबल्स जैसे सेक्टर के पॉजिटिव ट्रेंड के आधार पर कंपनियां चुन रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और NBFC की चाल

Larsen & Toubro (L&T) के शेयर 3.52% बढ़कर ₹3,640.60 पर पहुंच गए। कंपनी को अपने जल और अपशिष्ट उपचार (water and effluent treatment) डिवीजन में एक बड़ा ऑर्डर मिला है। यह प्रोजेक्ट गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन ड्रिंकिंग वाटर एंड सीवरेज बोर्ड से ₹1,000 से ₹2,500 करोड़ के बीच का है, जिसका लक्ष्य पानी की सप्लाई को बेहतर बनाना है। इस ऑर्डर से L&T जैसी इंफ्रा कंपनियों के लिए अच्छी विजिबिलिटी मिली है, हालांकि बड़े प्रोजेक्ट्स में कंपटीशन एक बड़ा कंसर्न बना हुआ है।

वहीं, एक प्रमुख NBFC, Shriram Finance ने मजबूत रिकवरी दिखाई, जिसके शेयर 6% से ज्यादा चढ़ गए। यह पिछले महीने 10% की गिरावट के बाद एक महत्वपूर्ण उछाल है, जो NBFC सेक्टर में निवेशकों का बढ़ा हुआ भरोसा दिखा रहा है।

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर्स को कच्चे तेल की गिरी कीमतों से सहारा

रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक्स में मजबूती रही, जिसका कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों में पॉजिटिव ट्रेंड रहा। Waaree Energies के शेयर करीब 2% चढ़े, क्योंकि कंपनी ने नए ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹3,900 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) को मंजूरी दी। इस निवेश का मकसद इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन को मजबूत करना है। इसके लिए फंड डेब्‍ट (debt) और इंटरनल एक्क्रूअल (internal accruals) से आएगा, जिसके लिए सावधानीपूर्वक फाइनेंशियल मैनेजमेंट की जरूरत होगी।

NTPC Green Energy के शेयर में भी तेजी आई, क्योंकि कंपनी ने डेटा सेंटर्स के लिए रिन्यूएबल पावर का पता लगाने के लिए Nxtra Data के साथ एक MoU साइन किया है। यह एक बढ़ता हुआ सेगमेंट है जिसे रिलायबल और कॉन्सटेंट एनर्जी सॉल्यूशंस की जरूरत है। Adani Green Energy के स्टॉक में भी तेजी देखी गई, जब उसने अपने Khavda प्रोजेक्ट में अतिरिक्त 510.1 MW की क्षमता शुरू की, जिससे कुल क्षमता बढ़ गई। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के बीच बड़े ब्लॉक डील (block deal) ने भी खरीदारी को सपोर्ट किया। Suzlon Energy की रिकवरी जारी रही, जो सेक्टर की कमोडिटी प्राइस और पॉलिसी सपोर्ट के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।

IT और डिफेंस सेक्टर्स की खास ताकत

Coforge के शेयर 3.65% बढ़े, जो Nifty IT इंडेक्स से बेहतर परफॉर्मेंस रही। यह कंपनी की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज में ताकत दिखाती है।

Bharat Forge पर Jefferies ने 'Buy' रेटिंग और टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जो काफी बड़ी अपसाइड की ओर इशारा करता है। Jefferies का भरोसा डिफेंस ऑर्डर पाइपलाइन, अमेरिका के ट्रक मार्केट्स से बढ़ी एक्सपोर्ट डिमांड और हाई-वैल्यू एरिया में एक्सपेंशन पर आधारित है।

स्पेशियलिटी केमिकल्स और ऑपरेशनल रेसिलिएंस

Avantel के शेयर Zetwerk Manufacturing Businesses से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट के लिए ₹459.90 करोड़ के रेट कॉन्ट्रैक्ट (rate contract) हासिल करने के बाद करीब 15% बढ़कर ₹138.81 पर पहुंच गए। यह पिछले महीने मिले ऐसे ही कॉन्ट्रैक्ट के बाद कंपनी की अपनी निश (niche) में महत्वपूर्ण सरकारी और एंटरप्राइज ऑर्डर जीतने की क्षमता को दर्शाता है।

PG Electroplast के शेयर में भी काफी उछाल आया, जो लगभग 5.76% के लाभ पर स्थिर हुए। कंपनी ने वेस्ट एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन से जुड़े LPG की कमी के कारण आई रुकावटों को पार करते हुए, रूम एयर कंडीशनर के प्रोडक्शन को स्टेबल करने के लिए अल्टरनेटिव एनर्जी सॉल्यूशंस लगाए। यह ऑपरेशनल रेसिलिएंस (operational resilience) कॉम्पिटिटिव इंडस्ट्री में अपनी मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स ने बढ़ाई फीस

डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स Swiggy और Eternal के शेयर करीब 2% चढ़े, क्योंकि उन्होंने प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का फैसला किया। Swiggy की नई फीस ₹17.58 प्रति ऑर्डर, Zomato के एडजस्टेड चार्जेज के करीब है। ये एडजस्टमेंट इंटेंस कंपटीशन और मार्जिन प्रेशर को दर्शाते हैं, जिससे कंपनियों को प्रॉफिटेबल बने रहने के लिए प्राइसिंग को एडजस्ट करना पड़ रहा है।

चुनौतियाँ अभी भी बाकी

बाजार में ब्रॉड राइज के बावजूद, महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। Adani Green जैसी कंपनियों के लिए, निवेशक इसकी हाई वैल्यूएशन (high valuation) और बड़े डेट (debt) पर नजर रख रहे हैं। L&T के इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risk) और कॉम्पिटिटिव बिडिंग का सामना करना पड़ता है। NBFC सेक्टर, जिसमें Shriram Finance भी शामिल है, इवॉल्विंग रेगुलेशंस (evolving regulations) और इकोनॉमिक कंडिशन बिगड़ने पर एसेट क्वालिटी (asset quality) बिगड़ने के रिस्क का सामना कर रहा है। Bharat Forge का एक्सपोर्ट डिमांड पर निर्भरता, खासकर यूएस ट्रक मार्केट से, उसे करेंसी स्विंग और ग्लोबल स्लोडाउन के प्रति ओपन बनाती है। PG Electroplast की अल्टरनेटिव एनर्जी और स्टेबल LPG सप्लाई पर निर्भरता एक रिस्क बनी हुई है। Swiggy और Eternal जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स मार्केट शेयर के लिए लगातार लड़ रहे हैं।

भविष्य का आउटलुक

आगे चलकर, मार्केट की सस्टेन्ड मोमेंटम (sustained momentum) इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस में लगातार ऑर्डर्स, और IT सर्विसेज में मजबूत परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगी। रिन्यूएबल एनर्जी फर्मों के लिए, ग्लोबल एनर्जी प्राइस, डोमेस्टिक पॉलिसी और एक्सपेंशन प्लान्स का सफल एग्जीक्यूशन उनके भविष्य को आकार देगा। फाइनेंशियल सेक्टर, खासकर NBFCs, पर नजर रखी जाएगी कि वे विभिन्न इकोनॉमिक कंडिशंस में क्रेडिट रिस्क (credit risk) को कैसे मैनेज करते हैं। एनालिस्ट सेंटीमेंट चुनिंदा ग्रोथ एरिया के लिए सावधानीपूर्वक ऑप्टिमिस्टिक (cautiously optimistic) है, लेकिन निवेशकों को लगातार कॉम्पिटिटिव प्रेशर और वैल्यूएशन कंसर्न (valuation concerns) को सावधानी से नेविगेट करना होगा।

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