तेल सस्ता, बाजार खुश: शांति की उम्मीदों से लौटी रौनक
बुधवार को शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार में ही अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव के कम होने की उम्मीदें थीं। इन सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जो पिछले कुछ समय से भू-राजनीतिक चिंताओं के चलते सतर्क थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फ्यूचर 4.11% गिरकर $96.11 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI क्रूड (WTI Crude) 3.52% की गिरावट के साथ $89.10 पर कारोबार कर रहा था। भारत में, MCX पर अप्रैल क्रूड फ्यूचर 4.11% लुढ़ककर ₹8,377 प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह नरमी भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा को लेकर तत्काल चिंताओं को कम करती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार ने कहा, "तनाव कम होने के संकेतों से बाजार में उम्मीदें लौट रही हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि "होरमुज जलडमरूमध्य से गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों का गुजरना" भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक खबर है।
सेक्टर्स में मिला-जुला हाल: फाइनेंस और इंफ्रा आगे
निफ्टी 50 पर फाइनेंशियल सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स ने सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की। श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) 3.82% बढ़कर टॉप गेनर रहा। अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) में भी 3.10% का मजबूत उछाल देखा गया। अडानी एंटरप्राइजेज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और अडानी पोर्ट्स जैसे अन्य प्रमुख स्टॉक्स में भी 2.5% से अधिक की तेजी आई।
इसके विपरीत, आईटी (IT) सेक्टर पर दबाव देखा गया। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) 2.56% गिर गया, जबकि इन्फोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) में भी गिरावट दर्ज की गई। ONGC और कोल इंडिया (Coal India) जैसे एनर्जी स्टॉक्स भी व्यापक बाजार की तेजी का फायदा उठाने में नाकाम रहे और मामूली गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
लगातार बिकवाली और रुपये का गिरना बनी चिंता
सकारात्मक संकेतों के बावजूद, बाजार पर कुछ दबाव बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली जारी रखी और 24 मार्च को ₹8,000 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे। यह लगातार 18वां सत्र था जब FIIs ने शुद्ध बिकवाली की। यह लगातार बिकवाली, साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.2 के स्तर के करीब कमजोर होता भारतीय रुपया, आगे की बड़ी बढ़त को रोके हुए था।
स्टॉक-विशिष्ट खबरें भी चर्चा में रहीं। यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर फ्रेंचाइजी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना के कारण ध्यान खींचा। वारी एनर्जीज (Waaree Energies) ने सोलर ग्लास मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय की घोषणा की, जबकि एशियन पेंट्स (Asian Paints) कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है। विजयकुमार ने कहा, "अगर यह सकारात्मक विकास बना रहता है, तो बाजार में तेज रिकवरी की गुंजाइश है।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन अगर यह रिकवरी बनी रहनी है, तो FIIs को अपनी बड़ी और लगातार बिकवाली बंद करनी होगी, जिसके लिए रुपये में स्थिरता की आवश्यकता होगी।"
तकनीकी outlook और आगे की चाल
तकनीकी तौर पर, निफ्टी को 23,050–23,100 के स्तर पर रेजिस्टेंस (Resistance) का सामना करना पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा चाल ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal) की पुष्टि करने के बजाय एक राहत वाली उछाल (Relief Bounce) हो सकती है। इंडेक्स के 23,300–23,600 की ओर बढ़ने से पहले 23,000 के ऊपर एक मजबूत क्लोजिंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गुरुवार को होने वाली मासिक F&O एक्सपायरी (Expiry) अनिश्चितता की एक और परत जोड़ती है, जिसमें ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) की महत्वपूर्ण एकाग्रता अस्थिरता (Volatility) को बढ़ा सकती है।