Cement Sector: फ्यूल और लॉजिस्टिक्स की मार से सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Cement Sector: फ्यूल और लॉजिस्टिक्स की मार से सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव

FY27 की पहली तिमाही में भारतीय सीमेंट कंपनियों को बढ़ती ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बिक्री में स्थिरता है, लेकिन लागत बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत सीमेंट कंपनियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है। सेक्टर में डिमांड और वॉल्यूम ग्रोथ तो बनी हुई है, लेकिन बढ़ती लागत ने मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंकड़ों की बात करें तो इंडस्ट्री का EBITDA प्रति टन गिरकर करीब ₹1,005 पर आ गया है, जो कंपनियों के लिए लागत और बाजार मूल्य के बीच तालमेल बिठाने की चुनौती को दर्शाता है।

बढ़ते खर्च का असर

इस मार्जिन दबाव के पीछे मुख्य वजह पावर, फ्यूल और लॉजिस्टिक्स खर्च में हुई बढ़ोतरी है। वेस्ट एशिया में सप्लाई चेन संबंधी दिक्कतों के कारण कोयला और पेटकोक की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं, जिसका सीधा असर प्रोडक्शन कॉस्ट पर पड़ा है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों CRISIL और ICRA का अनुमान है कि ये लागत दबाव जारी रह सकता है और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन 1.5% से 2.5% तक कम हो सकते हैं।

कंपनियों का अलग-अलग प्रदर्शन

Q1 FY27 के नतीजों में बाजार के बड़े खिलाड़ियों और अन्य कंपनियों के बीच अंतर साफ दिखा है। बेहतर स्केल और एफिशिएंसी के दम पर UltraTech Cement ने घरेलू सेल्स वॉल्यूम में 13.1% की बढ़ोतरी दर्ज की और नेट प्रॉफिट में 17% का उछाल देखा गया। इसके विपरीत, Ambuja Cements (अडानी सीमेंट) की सेल्स वॉल्यूम में 14% की गिरावट आई और टैक्स के बाद मुनाफे में 36.6% की कमी दर्ज की गई।

क्षमता विस्तार और आगे की राह

प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियों के बावजूद सीमेंट कंपनियां अपना विस्तार जारी रखे हुए हैं। FY27 में सेक्टर 35 से 37 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की नई क्षमता जोड़ने की राह पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे साल में वॉल्यूम ग्रोथ 7% से 8% रह सकती है और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 70% से 72% के दायरे में रहने की उम्मीद है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनियां लागत कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और बेहतर लॉजिस्टिक्स का कितना प्रभावी उपयोग कर पाती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.