Activated Carbon Industry: एक्सपोर्ट पर मंडराया संकट, अमेरिकी टैरिफ और चीन से बढ़ी चुनौती

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AuthorNeha Patil|Published at:
Activated Carbon Industry: एक्सपोर्ट पर मंडराया संकट, अमेरिकी टैरिफ और चीन से बढ़ी चुनौती

भारत का एक्टिवेटेड कार्बन उद्योग इस साल अपने **₹5,000 करोड़** के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। चीन की सस्ती प्रतिस्पर्धा और अमेरिका द्वारा संभावित टैरिफ ने मार्जिन पर दबाव बढ़ा दिया है।

भारतीय एक्टिवेटेड कार्बन इंडस्ट्री, जो ग्लोबल वाटर और एयर फिल्ट्रेशन मार्केट में एक बड़ा खिलाड़ी है, इस समय एक कठिन दौर से गुजर रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 1.80 लाख टन के निर्यात के साथ लगभग ₹4,700 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, लेकिन इस बार ₹5,000 करोड़ के टारगेट तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

प्राइसिंग का दबाव और मुकाबला

भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन की आक्रामक प्राइसिंग है। चीन के कई मैन्युफैक्चरर्स कोल-बेस्ड (कोयला आधारित) रॉ-मटेरियल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो भारतीय इंडस्ट्री के कोकोनट शेल-बेस्ड रॉ-मटेरियल के मुकाबले काफी सस्ता है। इस प्राइस गैप की वजह से भारतीय कंपनियां बड़े ग्लोबल टेंडर्स में पिछड़ रही हैं।

अमेरिकी टैरिफ का खतरा

ट्रेड पॉलिसी इस सेक्टर के लिए चिंता का बड़ा विषय बनी हुई है। भारत के कुल एक्टिवेटेड कार्बन एक्सपोर्ट का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका जाता है। हाल ही में अमेरिका में आयात शुल्क को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने की चर्चा चल रही है। अगर यह लागू होता है, तो भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार के लिए बहुत महंगे हो जाएंगे, जिससे मुनाफे पर बुरा असर पड़ेगा।

लॉजिस्टिक चुनौतियां और श्रीलंका का असर

बाहरी ट्रेड जोखिमों के अलावा, लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन की दिक्कतें भी कम नहीं हैं। भू-राजनीतिक तनाव और कंटेनर की कमी के कारण फ्रेट रेट्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही, श्रीलंका से सस्ते कोकोनट शेल चारकोल का आयात भी घरेलू कंपनियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। श्रीलंका से आ रहा कच्चा माल ₹80-90 प्रति किलो की दर पर उपलब्ध है, जो स्थानीय सप्लायर्स के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है। निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि कंपनियां अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती हैं और क्या वे हाई-वैल्यू स्पेशलाइज्ड कार्बन ग्रेड्स की ओर शिफ्ट हो पाती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.