India Optel का खास 'गरुड़' अब आम लोगों के लिए! डिफेंस कंपनी का बड़ा कदम

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Optel का खास 'गरुड़' अब आम लोगों के लिए! डिफेंस कंपनी का बड़ा कदम

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी India Optel Limited ने आम ग्राहकों के लिए अपने 'गरुड़' (Garud) बायनाक्युलर्स लॉन्च कर दिए हैं। यह कंपनी के लिए डिफेंस सप्लाई से हटकर कमर्शियल प्रोडक्ट्स में एक बड़ा कदम है। इन 8x मैग्नीफिकेशन वाले बायनाक्युलर्स को देहरादून की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में तैयार किया गया है, ताकि डिफेंस-ग्रेड टेक्नोलॉजी कार्शियल फायदा उठाया जा सके। चूंकि India Optel लिस्टेड कंपनी नहीं है, यह उसके रेवेन्यू को बढ़ाने की एक स्ट्रेटेजिक कोशिश है।

'गरुड़' बायनाक्युलर्स की खासियत

India Optel Limited (IOL), जो कि एक डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) है, अब कंज्यूमर ऑप्टिक्स मार्केट में कदम रख चुकी है। कंपनी ने अपने 'गरुड़' बायनाक्युलर्स को पेश किया है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव है, जो अब तक मुख्य रूप से सेना और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) को ऑप्टिकल इक्विपमेंट सप्लाई करती आई है।

ये 'गरुड़' बायनाक्युलर्स खास तौर पर देहरादून की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में ही डेवलप और मैन्युफैक्चर किए गए हैं। इन्हें मल्टी-पर्पस इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। ये 8x मैग्नीफिकेशन, 7.6-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू और यूजर्स की सुविधा के लिए ±5 डायोप्टर एडजस्टमेंट के साथ आते हैं। लगभग 610 ग्राम वजन वाले इन बायनाक्युलर्स को वाइल्डलाइफ देखने, बर्डवॉचिंग, ट्रेवलिंग, फॉरेस्ट्री के साथ-साथ जनरल सिक्योरिटी जैसे कामों के लिए मार्केट किया जा रहा है।

सरकारी कंपनियों के लिए नया ट्रेंड?

यह कदम इस बड़े ट्रेंड को दिखाता है कि कैसे सरकारी डिफेंस कंपनियां अपनी रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल कमर्शियल प्रोडक्ट्स के लिए कर रही हैं। सिविलियन सेक्टर में एंट्री करके कंपनी अपनी फैक्ट्री यूटिलाइजेशन को बेहतर बनाना चाहती है और रेवेन्यू के नए रास्ते खोलना चाहती है, जो अब तक सिर्फ सरकारी ऑर्डर्स और डिफेंस सप्लाई पर निर्भर था।

निवेशकों के लिए क्या है?

यह जानना महत्वपूर्ण है कि India Optel Limited एक सरकारी कंपनी है और फिलहाल NSE या BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसके शेयर की कोई पब्लिक प्राइस नहीं है और न ही इसके फाइनेंशियल रिजल्ट्स पब्लिक मार्केट में उपलब्ध हैं। हालांकि यह कंपनी के ऑपरेशनल मॉडल में एक अहम बदलाव है, लेकिन रिटेल निवेशकों के लिए इसमें सीधे इक्विटी इन्वेस्टमेंट का कोई मौका नहीं है।

आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी एक ऐसे मार्केट में अपनी डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग को कैसे बढ़ा पाती है, जहां पहले से ही कई बड़ी ग्लोबल कंज्यूमर ऑप्टिक्स ब्रांड्स मौजूद हैं। इस एंट्री-लेवल कंज्यूमर सेगमेंट में कंपनी की सफलता, दूसरी सरकारी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए भी अपनी R&D क्षमताओं को कमर्शियलाइज करने के लिए एक रास्ता दिखा सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.