सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) अपने हाईवे ठेकेदारों को राहत देने के लिए नई योजनाएं बना रहा है, जो पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बढ़ी हुई लागत से जूझ रहे हैं। इस संकट ने बिटुमेन (bitumen) और डीजल (diesel) जैसी जरूरी सामग्री की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है, साथ ही सप्लाई चेन (supply chain) को भी बाधित किया है।
मंत्रालय अगले महीने राहत उपायों का दूसरा दौर पेश करने की उम्मीद कर रहा है। इन उपायों में कमोडिटी की कीमतों में तय स्तर से ऊपर होने वाली वृद्धि के लिए मुआवजा प्रदान करना शामिल हो सकता है। सरकार इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) और हाइब्रिड एन्युइटी (HAM) मॉडल वाले प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा का भी केस-दर-केस आधार पर मूल्यांकन कर रही है। इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी फंडिंग पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाले इन प्रोजेक्ट्स में समय पर भुगतान जारी रहे।
हालांकि, मंत्रालय ने अप्रैल में कुछ अस्थायी राहत प्रदान की थी, लेकिन नेशनल हाईवे बिल्डर्स फेडरेशन (National Highways Builders Federation) का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं है। फेडरेशन का तर्क है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति एक असामान्य चुनौती पेश करती है, जिसके लिए सरकार से अधिक मजबूत समर्थन की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इसके बिना, प्रोजेक्ट्स रुक सकते हैं और ठेकेदार गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर सकते हैं।