बजट की अस्थिरता के पार, कॉर्पोरेट नंबर्स ने दिखाई दम
आज के कारोबार में बाज़ार में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन के अंत तक निवेशकों ने कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स पर भरोसा दिखाया। बजट से जुड़ी शुरुआती चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए, बाज़ार ने मजबूती के साथ क्लोजिंग की।
तेज़ी के मुख्य कारण: Power Grid और Tata Motors
इस जोरदार तेजी का मुख्य कारण रहा Power Grid Corporation. कंपनी ने अपने FY26 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का अनुमान ₹32,000 करोड़ कर दिया है, जो पहले ₹28,000 करोड़ था। यह बढ़ा हुआ अनुमान कंपनी के मजबूत एक्जीक्यूशन और नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने की ओर इशारा करता है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
इसी के साथ, Tata Motors Passenger Vehicles ने जनवरी 2026 में अपनी कुल बिक्री में साल-दर-साल 47% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने 71,066 यूनिट्स डिस्पैच किए, जो किसी एक महीने के लिए कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इन दमदार कॉर्पोरेट खबरों ने बाज़ार को मजबूत सहारा दिया। इसी का नतीजा है कि BSE Sensex 944 अंक की बढ़त के साथ 81,667 पर और NSE Nifty 263 अंक बढ़कर 25,088 के स्तर पर बंद हुए। दोनों इंडेक्स दिन के ऊपरी स्तरों के करीब बंद हुए, जो ट्रेडर्स की मजबूत खरीदारी की ओर संकेत करता है।
सेक्टर परफॉर्मेंस और मुख्य शेयर्स
यह तेजी ज़्यादातर सेक्टर्स में देखने को मिली। Nifty Bank इंडेक्स 202 अंक चढ़ा, वहीं Midcap इंडेक्स में 547 अंकों की बढ़ोतरी हुई। सिर्फ Nifty IT इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जो इस सेक्टर में एक अलग सतर्कता दिखा रहा है।
Sensex में शामिल प्रमुख शेयरों में Adani Ports & SEZ, Tata Consumer Products, Reliance Industries, Larsen & Toubro, और Nestle India शामिल थे। वहीं, Shriram Finance, Axis Bank, Infosys, और Titan Company जैसे शेयर पिछड़ते नज़र आए।
बजट का असर और आगे की राह
बाज़ार का प्रदर्शन बजट 2026 जैसे बड़े आर्थिक कारणों से भी प्रभावित रहा। बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ज़ोर देना इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रोथ के लिए अच्छा माना गया, लेकिन डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटी ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी ने फ़्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में कुछ अस्थिरता पैदा की।
प्रमुख कंपनियों के P/E (प्राइस-टू-अर्निंग्स) रेश्यो निवेशकों की उम्मीदों को दर्शाते हैं। Power Grid Corporation लगभग 15-17x पर ट्रेड कर रहा था, Reliance Industries करीब 22-24x पर, जबकि Tata Consumer Products का मल्टीपल 75x से ज़्यादा था, जो इसके ग्रोथ पोटेंशियल को दिखाता है। Mahindra & Mahindra का P/E रेश्यो लगभग 25-29x था।
NSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:1 रहा, जिसका मतलब है कि बाज़ार की चौड़ाई (Market Breadth) न्यूट्रल थी, यानी शेयर की कीमतें बढ़ने और घटने के मामले में लगभग बराबरी थी।
आगे चलकर, निवेशकों का सेंटिमेंट कॉर्पोरेट नतीजों और सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा। STT बढ़ोतरी का ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी पर असर, खासकर डेरिवेटिव्स में, भी बारीकी से देखा जाएगा। बाज़ार फिलहाल बजट के फैसलों को पचा रहा है और साथ ही कंपनियों के ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठा रहा है।