इस साल गर्मी के तीखे तेवर ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रिकल सामान की बिक्री में जबरदस्त उछाल ला दिया है। Nuvama Institutional Equities के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में खासकर दक्षिणी भारत में डिमांड काफी बढ़ी है। ऐतिहासिक तौर पर, गर्मी बढ़ने से एयर कंडीशनर (AC) और कूलर जैसे कूलिंग अप्लायंस की बिक्री तेज हो जाती है। इस साल जनवरी से मई 2024 के दौरान AC की बिक्री ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। टियर 2 शहरों में जहां 1000% से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई, वहीं टियर 1 शहरों में प्रीमियम मॉडल्स की बिक्री 620% बढ़ी। यह पिछले साल की गर्मी के रिकॉर्ड को भी पार कर गया है। हालांकि, यह शानदार मांग अभी अप्रैल की ईयर-ऑन- ईयर (Year-on-Year) बिक्री में सपाट दिख रही है, जो बताता है कि इसका पूरा असर आने वाले महीनों में दिखेगा।
प्रीमियम सेगमेंट में बूम, एंट्री-लेवल में दबाव
हीटवेव से डिमांड तो बढ़ी है, लेकिन अलग-अलग प्रोडक्ट सेगमेंट्स का परफॉरमेंस मिला-जुला है। हाई-एंड रेफ्रिजरेटर और अन्य प्रीमियम आइटम्स की डिमांड काफी अच्छी है, जो दिखाता है कि धनी खरीदार इन पर खर्च करने से हिचकिचा नहीं रहे। वहीं, एंट्री-लेवल और मास-मार्केट प्रोडक्ट्स में खरीदार अभी भी कीमत को लेकर संवेदनशील हैं। मोबाइल फोन सेगमेंट में भी यही ट्रेंड दिख रहा है, जहां लोग महंगे मॉडल्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, और सस्ते मॉडल्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनियों का वैल्यूएशन और मार्जिन पर दबाव
सेक्टर की कुछ प्रमुख कंपनियों के वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो Voltas का P/E रेशियो लगभग 104.42 है, जो अगर ग्रोथ धीमी हुई तो मुश्किल हो सकता है। Havells India (P/E ~46.78) और Dixon Technologies (P/E ~41.50) के वैल्यूएशन भी ऊंचे हैं। Crompton Greaves Consumer Electricals का P/E करीब 35.4 है, जिसने हाल में धीमी बिक्री ग्रोथ देखी है। इन कंपनियों का मार्केट कैप भी काफी बड़ा है, Voltas का ₹48,799 करोड़ से लेकर Havells India का ₹78,564 करोड़ तक।
कंपनियां बढ़ती इनपुट लागत (Input Costs) को पूरा करने के लिए कीमतों में 6-8% की बढ़ोतरी कर रही हैं। Nuvama का सुझाव है कि कमोडिटी इन्फ्लेशन (Commodity Inflation) और करेंसी के दबाव से प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को बचाने के लिए कीमतों में 10% तक की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। यह स्थिति 2020 की शुरुआत जैसी है, जब मार्जिन पर काफी दबाव था।
मौसम की अनिश्चितता और आगे का रास्ता
सेक्टर की वर्तमान बिक्री तेजी काफी हद तक मौसम पर निर्भर है। अगर गर्मी जल्दी खत्म हो गई या अचानक बारिश आ गई, तो बिक्री तेजी से गिर सकती है। बढ़ती कमोडिटी कीमतें और करेंसी में उतार-चढ़ाव भी प्रॉफिट के लिए बड़े खतरे हैं। इंपोर्टेड मटेरियल, जैसे इलेक्ट्रिकल स्टील, पर निर्भरता ग्लोबल सप्लाई चेन के इश्यूज और करेंसी के उतार-चढ़ाव से जोखिम बढ़ाती है।
कुल मिलाकर, इस सेक्टर में मॉडरेट सिंगल-डिजिट ग्रोथ (Single-Digit Growth) की उम्मीद है। यह अनुमान सही मौसम, धीरे-धीरे सामान्य होती इन्वेंटरी और प्रीमियम आइटम्स की लगातार डिमांड पर निर्भर करेगा। एनालिस्ट्स (Analysts) आमतौर पर Havells India जैसी कंपनियों पर 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, जो मौजूदा चुनौतियों के बावजूद सेक्टर की लॉन्ग-टर्म संभावनाओं में विश्वास दिखाते हैं।
