मुनाफे में दमदार वापसी
India Cements ने अपने नतीजे जारी करते हुए बाजार को चौंका दिया है। कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही में ₹59 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल ₹15 करोड़ था। पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹67 करोड़ रह गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण सुधार दर्शाता है।
रेवेन्यू और EBITDA में जबरदस्त उछाल
कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 3% बढ़कर ₹1,229 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA में तो शानदार 777% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और यह ₹179 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह मात्र ₹23 करोड़ था। इस दमदार मुनाफे का मुख्य कारण कंपनी द्वारा खर्चों में की गई 11% की बड़ी कटौती है, जिससे कुल खर्चे ₹1,175 करोड़ पर आ गए। इसमें बिजली और माल ढुलाई की लागत में कमी का बड़ा योगदान रहा।
बिक्री बढ़ी, कैपेसिटी यूटिलाइजेशन भी बेहतर
कंपनी की बिक्री की मात्रा (Sales Volume) में 18% की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई, जो 3.12 मिलियन टन तक पहुंच गई। इसके पीछे ब्रांड माइग्रेशन की सफलता और 84% तक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) का होना प्रमुख कारण रहा।
ग्रीन एनर्जी पर बड़ा फोकस
India Cements ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2029 (FY29) तक 283 MW की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षमता हासिल करना है। यह अपनी कुल बिजली खपत का 6% से बढ़ाकर 80% ग्रीन एनर्जी से पूरा करने की योजना बना रहा है। इससे कंपनी को ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव से राहत मिलने और लागत को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
बाजार की चुनौतियां और विश्लेषकों की राय
हालांकि, कंपनी की वापसी अच्छी है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। India Cements का मौजूदा P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) -123.92 है, जो अतीत के घाटे को दर्शाता है। यह इसके बड़े प्रतिस्पर्धियों जैसे UltraTech Cement (P/E 46.04), Ambuja Cements (P/E 21.46), और ACC (P/E 10.03) से काफी कम है।
विश्लेषकों ने कंपनी की रेटिंग 'न्यूट्रल' (Neutral) रखी है और औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹432.50 रखा है। विश्लेषकों को कच्चे माल की बढ़ती लागत और क्षमता विस्तार को लेकर कुछ चिंताएं हैं।
