कैपिटल गुड्स सेक्टर में बंपर ग्रोथ की उम्मीद! FY27 में 12-14% तक बढ़ सकता है रेवेन्यू

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
कैपिटल गुड्स सेक्टर में बंपर ग्रोथ की उम्मीद! FY27 में 12-14% तक बढ़ सकता है रेवेन्यू
Overview

भारत का कैपिटल गुड्स (Capital Goods) सेक्टर आने वाले समय में शानदार ग्रोथ के लिए तैयार है। Crisil Ratings का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 तक इस सेक्टर का रेवेन्यू **12-14%** तक बढ़ सकता है। सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में तेजी और पावर, रेलवे व डिफेंस जैसे सेक्टर्स में बड़े ऑर्डर इस ग्रोथ के मुख्य कारण होंगे। साथ ही, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए सेक्टर्स भी ग्रोथ के नए मौके पैदा कर रहे हैं।

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लगातार जारी रहेगी तेजी

Crisil Ratings के अनुसार, भारतीय कैपिटल गुड्स इंडस्ट्री फाइनेंशियल ईयर 2027 तक भी अपनी दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखेगी। 12-14% की इस बढ़ोतरी का आधार सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश, प्राइवेट सेक्टर के बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और मजबूत ऑर्डर बैकलॉग हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर की तरह ही ये ट्रेंड्स जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ग्लोबल जियोपॉलिटिकल और ट्रेड को लेकर अनिश्चितताएं कुछ चुनौतियां पेश कर सकती हैं।

डिमांड के फैक्टर मजबूत

पावर, माइनिंग, ऑयल एंड गैस, मेटल्स और ऑटोमोबाइल जैसे बड़े सेक्टर्स में कैपिटल गुड्स की डिमांड मजबूत रहने की संभावना है। इसके अलावा, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए सेक्टर्स भी ग्रोथ के नए अवसर ला रहे हैं। Crisil का कहना है कि मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात इस तेजी को खास तौर पर प्रभावित नहीं करेंगे, क्योंकि कंपनियां अपने ऑर्डर बुक में विविधता ला चुकी हैं और उनका इस क्षेत्र से सीधा एक्सपोजर सीमित है। ज्यादातर रेवेन्यू घरेलू बाजार से ही आ रहा है।

एनर्जी सेक्टर ग्रोथ को देगा बढ़ावा

कैपिटल गुड्स सेक्टर की ग्रोथ में एनर्जी सेगमेंट का बड़ा योगदान है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के कारण। Crisil Ratings के डायरेक्टर आदित्य झावर ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि इस फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल गुड्स कंपनियां 12-14% का रेवेन्यू ग्रोथ दिखाएंगी। यह ग्रोथ पावर सेक्टर, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी वैल्यू चेन में Capex खर्च में मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ से प्रेरित होगी।" रेलवे और डिफेंस में सरकारी खर्च में 11% और 5% की बढ़ोतरी भी इस ग्रोथ को सहारा दे रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाएगा डिमांड

Crisil को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर में 58-62 गीगावाट (GW) नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी, जिसमें ज्यादातर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे। यह भारी कैपेसिटी एक्सपेंशन, भारी इंजीनियरिंग उपकरण और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड को बढ़ाएगा। ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश मजबूत रहने का अनुमान है, जिसे ग्रिड मॉडर्नाइजेशन, बिजली की बढ़ती मांग और रिन्यूएबल एनर्जी के इंटीग्रेशन से सपोर्ट मिलेगा।

ऑर्डर बुक बढ़ी, मार्जिन स्थिर

66 रेटेड कंपनियों के एनालिसिस के मुताबिक, जिनका इंडस्ट्री रेवेन्यू में लगभग आधा हिस्सा है, FY25 में उनका कुल रेवेन्यू करीब ₹2.1 लाख करोड़ रहा। प्रमुख कंपनियों की ऑर्डर बुक में दिसंबर 2025 तक ₹5.2 लाख करोड़ का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो दो फाइनेंशियल इयर्स में 1.5 गुना ज्यादा है। बुक-टू-बिल रेशियो FY26 में बढ़कर लगभग 3.7 गुना हो गया, जो FY24 के 3.1 गुना से अधिक है, जो मजबूत प्रोजेक्ट इनफ्लो का संकेत देता है। जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण लागत बढ़ने की आशंकाओं के बावजूद, कुशल एग्जीक्यूशन, स्थापित क्लाइंट रिलेशनशिप और बेहतर ऑपरेटिंग लिवरेज के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन 12-13% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। Crisil Ratings की एसोसिएट डायरेक्टर जोआना गोंसाल्वेस ने कहा, "सेक्टर का ओवरऑल क्रेडिट आउटलुक स्थिर रहने की उम्मीद है, जो हेल्दी रेवेन्यू ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट से समर्थित है।" इस फाइनेंशियल ईयर में रेटेड कंपनियों के लिए डेट-टू-EBITDA रेशियो लगभग 0.8 गुना और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो करीब 11 गुना रहने का अनुमान है। हालांकि, Crisil ने चेतावनी दी है कि लंबी जियोपॉलिटिकल समस्याओं के कारण कमोडिटी या फ्रेट कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से निवेश में देरी हो सकती है और सेक्टर की लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.