Budget 2026: IT, Infra को बूस्ट, पर STT Hike से मार्केट में आई सुनामी! जानिए क्या हुआ?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Budget 2026: IT, Infra को बूस्ट, पर STT Hike से मार्केट में आई सुनामी! जानिए क्या हुआ?
Overview

**Budget 2026** पेश होते ही शेयर बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भले ही टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स को बूस्ट देने का एलान किया हो, लेकिन डेरिवेटिव्स पर **Securities Transaction Tax (STT)** में अचानक हुई बढ़ोतरी ने निवेशकों को जोर का झटका दिया। इस वजह से बजट वाले दिन बाजार में भारी बिकवाली (Sell-off) देखने को मिली।

बजट का असर: मार्केट में आई सुनामी, इन सेक्टर्स को मिला सहारा

1 फरवरी, 2026 को पेश हुए Union Budget 2026 ने शेयर बाजार में काफी उथल-पुथल मचा दी। इस बार सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को बड़ा बूस्ट देने का इरादा दिखाया है, जिसके तहत ₹12.2 ट्रिलियन का बड़ा आवंटन किया गया है। यह पिछले साल से काफी ज्यादा है और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित ग्रोथ को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

हालांकि, इन सकारात्मक एलान के बावजूद, निवेशकों की घबराहट की वजह बनी डेरिवेटिव्स पर Securities Transaction Tax (STT) में की गई बढ़ोतरी। इस अचानक फैसले ने ट्रेडर्स और निवेशकों को झटका दिया, जिससे बजट वाले दिन बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty लगभग 2% तक गिर गए। Sensex 1.88% और Nifty 50 1.96% की गिरावट के साथ बंद हुए।

IT, इंफ्रा, डिफेंस: बजट में किन सेक्टर्स पर फोकस?

- टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर: इस बजट में IT सेक्टर को बड़ा सहारा मिला है। भारतीय डेटा सेंटर्स के जरिए ग्लोबल क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे (Tax Holiday) मिलेगा, बशर्ते वे लोकल रीसेलर के जरिए सेवा दें। इसके अलावा, Advance Pricing Agreements को तेज करने और safe harbor provisions को तर्कसंगत बनाने के एलान हुए हैं।

- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स: India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 को लॉन्च किया गया है, जिसमें Electronics Manufacturing Services (EMS) सेक्टर के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन बढ़ाया गया है।

- इंफ्रास्ट्रक्चर: सरकार ने हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है, साथ ही टियर II और टियर III शहरों पर भी फोकस रहेगा। प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग को डी-रिस्क करने के लिए Infrastructure Risk Guarantee Fund भी बनाया जाएगा।

- डिफेंस: डिफेंस सेक्टर के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर लगभग ₹2.2 ट्रिलियन कर दिया गया है। MRO पार्ट्स पर ड्यूटी में छूट और स्वदेशी (Indigenisation) को बढ़ावा देने के लिए R&D आवंटन भी बढ़ाया गया है।

- सीमेंट: हाउसिंग स्कीम्स (जैसे PMAY) और रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बढ़ते आवंटन से सीमेंट सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है, जहां FY27 में 6-7% ग्रोथ का अनुमान है।

डिफेंस स्टॉक्स में गिरावट, क्यों?

बजट में डिफेंस खर्च 15.3% बढ़कर ₹7.85 लाख करोड़ होने के बावजूद, डिफेंस स्टॉक्स में गिरावट देखी गई। असल में, मार्केट की उम्मीदों से कम कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोत्तरी ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया। इस वजह से, लगातार तेजी के बाद इन स्टॉक्स में प्रॉफिट-बुकिंग (Profit-booking) हावी रही और कई बड़ी डिफेंस कंपनियों के शेयर 4% से 14% तक गिर गए।

कंपनियों पर असर और आगे की राह

Dixon Technologies जैसी EMS कंपनियों को बजट से फायदा होने की उम्मीद है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹62,197 करोड़ और P/E Ratio 44.2x के आसपास है। Coforge जैसी IT फर्म, जिनका मार्केट कैप लगभग ₹34,600 करोड़ और P/E Ratio 52.5x है, IT-टैक्स इंसेंटिव्स से लाभान्वित हो सकती हैं।

UltraTech Cement (मार्केट कैप लगभग ₹2,20,000 करोड़, P/E 35x) इंफ्रा और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने के लिए तैयार है। वहीं, डिफेंस सेक्टर की दिग्गज Bharat Electronics (मार्केट कैप लगभग ₹1,10,000 करोड़, P/E 45x) को भी लॉन्ग-टर्म में स्वदेशीकरण और आधुनिकीकरण से फायदा मिल सकता है, भले ही बजट के बाद शॉर्ट-टर्म में बिकवाली हुई हो।

मैक्रो इकोनॉमिक आउटलुक

FY27 के लिए फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य है। सरकार का कुल खर्च ₹53.5 लाख करोड़ होगा, जो 7.7% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य FY31 तक अपने लोन को GDP के 50% तक कम करना है। बजट का फोकस हाई-ग्रोथ वाले ग्लोबल सेक्टर्स में भारत की स्थिति मजबूत करने और एक रेजिलिएंट इकोनॉमिक फ्रेमवर्क बनाने पर है।

हालांकि बजट वाले दिन बाजार गिरा, लेकिन 2 फरवरी, 2026 को रिकवरी के संकेत दिखे, जिससे पता चलता है कि वैल्यू-बाइंग (Value-buying) इंटरेस्ट बना हुआ है।

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