IndiGrid का ग्रोथ प्लान: ₹2,900 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण
IndiGrid Infrastructure Trust ने Q3FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू 11.7% बढ़कर ₹862 करोड़ और EBITDA 13% बढ़कर ₹784.3 करोड़ रहा। कंपनी ने अपने प्रति यूनिट वितरण (DPU) को ₹4 पर बनाए रखा है, जो पूरे साल के लिए ₹16 के लक्ष्य की पुष्टि करता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ
IndiGrid ने ₹1,500 करोड़ का एक सफल इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट भी पूरा किया, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है। प्लेसमेंट के बाद, नेट डेट टू AUM (Assets Under Management) रेशियो घटकर 56.5% रह गया है, जो पहले 61% था। कंपनी का औसत डेट कॉस्ट 7.41% है, जिसमें से 88% फिक्स्ड रेट पर है, जिससे इंटरेस्ट रेट्स के उतार-चढ़ाव का खतरा कम हो जाता है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
हालांकि, ट्रांसमिशन एसेट्स के कलेक्शन में थोड़ी कमी आई है, जो Q3FY26 में 90% रहा, जबकि पिछले साल यह 100% था। वहीं, सोलर एसेट्स का कलेक्शन 98% पर मजबूत बना हुआ है। कंपनी ने Days Sales Outstanding (DSO) में भी सुधार दिखाया है, जो बेहतर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
तिमाही के लिए नेट कैश फ्लो फ्रॉम डिस्ट्रीब्यूशन (NDCF) ₹328 करोड़ रहा, जिसे कंपनी मैनेजमेंट ने वर्किंग कैपिटल एडजस्टमेंट के कारण थोड़ा कम बताया है। डिस्ट्रीब्यूशन के लिए ₹381 करोड़ की जरूरत को पूरा करने हेतु ₹52.7 करोड़ रिजर्व्स से निकाले गए।
रणनीति और भविष्य की योजनाएं
IndiGrid की नजर ₹7,500 करोड़ की एक मजबूत पाइपलाइन पर है, जिसमें ऑग्मेंटेशन और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी ने Gadag Transmission Limited को लगभग ₹372 करोड़ में खरीदने के लिए एक डील साइन की है। इसके अलावा, EnerGrid के तहत, ₹957 करोड़ (EV) की बैटरी प्रोजेक्ट और ₹1,577 करोड़ (EV) की एक ISTS प्रोजेक्ट का अधिग्रहण भी किया जा रहा है।
इन अधिग्रहणों से IndiGrid का लक्ष्य अपने एसेट्स का विस्तार करना है, जिसमें नए एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस भी शामिल हैं। कंपनी को उम्मीद है कि उसका AUM बढ़कर ₹40,000-45,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को ट्रांसमिशन एसेट कलेक्शन में आई कमी और NDCF को बारीकी से देखने की सलाह दी जाती है। इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो (ICR) 1.92x पर है, जिसे कंपनी के विस्तार के साथ मॉनिटर करना महत्वपूर्ण होगा।