IRCON International के शेयर आज **7%** तक उछल गए हैं। कंपनी को East Central Railway से **₹862.46 करोड़** का बड़ा रेलवे निर्माण कॉन्ट्रैक्ट मिला है। हालांकि, साल भर में शेयर में **40%** की गिरावट और घटते मुनाफे को देखते हुए निवेशक अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
बड़े ऑर्डर से मिली रफ्तार
मंगलवार के कारोबार में IRCON International के शेयरों में गजब की हलचल दिखी। कंपनी ने जैसे ही East Central Railway से ₹862.46 करोड़ का इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिलने की खबर दी, स्टॉक 7% ऊपर चढ़ गया। यह प्रोजेक्ट Son Nagar-Andal रूट पर 3rd और 4th रेलवे लाइन बिछाने, लिंक करने और जरूरी सामान सप्लाई करने से जुड़ा है। कंपनी को इसे पूरा करने के लिए 365 दिन का समय मिला है। इससे पहले 9 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने Konkan Railway Corporation से भी ₹96.25 करोड़ का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था।
चुनौतियों का पहाड़
एक तरफ जहां नए ऑर्डर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ IRCON का मौजूदा फाइनेंशियल सफर आसान नहीं रहा है। मिड-अक्टूबर 2026 तक शेयर में साल-दर-साल (YTD) आधार पर करीब 40% की भारी गिरावट आ चुकी है। अगर हालिया तिमाही के नतीजों पर नजर डालें, तो फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 43.6% घटकर ₹93 करोड़ रह गया। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹1,956 करोड़ जरूर हुआ है, लेकिन मुनाफे में कमी बताती है कि कंपनी मार्जिन दबाव और बढ़ती लागत (Rising Costs) से जूझ रही है।
क्या है बड़ा रिस्क?
कंपनी का बिजनेस मॉडल अभी भी रेलवे सेक्टर पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जो इसके कुल ऑर्डर बुक का करीब 75% हिस्सा है। जून 2026 तक कंपनी के पास ₹23,366 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी, लेकिन एक ही सेक्टर पर पूरी निर्भरता सरकारी खर्च में बदलाव होने पर कंपनी को रिस्क में डाल सकती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी नए कॉन्ट्रैक्ट को कितनी तेजी से पूरा करती है और क्या आने वाली तिमाहियों में मुनाफे में सुधार देखने को मिलता है।
