IRB Infrastructure Developers के लिए सितंबर **2026** का महीना काफी धमाकेदार रहा। कंपनी का टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर **24%** बढ़कर **₹773 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है।
IRB Infrastructure ने अपनी परफॉरमेंस रिपोर्ट में बताया कि सितंबर 2026 में कंपनी ने ₹773 करोड़ का ग्रॉस टोल रेवेन्यू इकट्ठा किया है, जो पिछले साल इसी महीने के ₹622 करोड़ के मुकाबले काफी बेहतर है। कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों ने भी लाइक-फॉर-लाइक आधार पर 17% की ग्रोथ दर्ज की है। इस खबर के बाद 8 अक्टूबर 2026 को कंपनी का शेयर 0.52% चढ़कर ₹17.53 पर बंद हुआ।\n\n### कमाई के मुख्य ड्राइवर\n\nकंपनी की इस तेजी के पीछे मजबूत ट्रैफिक फ्लो और बढ़ती इकोनॉमिक एक्टिविटी का बड़ा हाथ है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और अहमदाबाद-वड़ोदरा जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स लगातार अच्छी कमाई कर रहे हैं। इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट्स जैसे IRB हरिहारा कॉरिडोर, IRB चंडीभद्रा टोलवे और मेरठ-बदायूं एक्सप्रेसवे से भी रेवेन्यू में अच्छा योगदान मिल रहा है।\n\n### कर्ज का दबाव और रिस्क\n\nभले ही टॉप-लाइन परफॉर्मेंस शानदार दिख रही हो, लेकिन निवेशकों को कंपनी के कर्ज पर भी नजर रखनी चाहिए। मार्च 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज ₹18,025 करोड़ दर्ज किया गया था। इंफ्रा सेक्टर की कंपनियों पर बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण भारी कर्ज होता है, जिससे ब्याज का भुगतान (Interest payments) बढ़ जाता है। इसका सीधा असर कंपनी के नेट प्रॉफिट पर पड़ सकता है।\n\nआने वाले फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए मैनेजमेंट ने 20% से ज्यादा ग्रोथ का टारगेट रखा है, जिसे हासिल करने के लिए उन्हें ऑपरेटिंग कॉस्ट को कंट्रोल में रखना होगा।
