INOX India ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की रेवेन्यू **26.6%** उछलकर **₹467 करोड़** पहुंच गई है, जबकि कंपनी के पास **₹2,200 करोड़** से ज्यादा का रिकॉर्ड ऑर्डर बैकलॉग मौजूद है।
मुनाफे की सुस्त रफ्तार के पीछे क्या है कारण?
कंपनी ने इस तिमाही में ₹467 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो साल-दर-साल 26.6% की जबरदस्त ग्रोथ है। हालांकि, नेट प्रॉफिट 7.8% बढ़कर ₹66 करोड़ पर ही सिमट गया। मुनाफे की यह सुस्त रफ्तार मुख्य रूप से आक्रामक प्राइसिंग और बदलते प्रोडक्ट मिक्स के कारण आई है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल फ्रेट कॉस्ट का भी मार्जिन्स पर असर पड़ा है, क्योंकि कंपनी की 60% रेवेन्यू एक्सपोर्ट्स से आती है।
नई राह और सेमीकंडक्टर सेक्टर में एंट्री
कंपनी ने अपने पारंपरिक इंडस्ट्रियल गैस और क्रायोजेनिक सॉल्यूशंस के अलावा अब सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर की दुनिया में कदम रख दिया है। गुजरात के ढोलेरा (Dholera) फैसिलिटी में कंपनी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर चुकी है। सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली प्लांटों के लिए स्पेशलाइज्ड लेबर तैयार करने के मकसद से कंपनी ने 'SemiOrbit' नाम का एक वेल्डिंग ट्रेनिंग सेंटर भी लॉन्च किया है।
भविष्य की चुनौतियां और मजबूती
INOX India के लिए सबसे बड़ी राहत उसका 'डेट-फ्री' (Debt-free) बैलेंस शीट है। लेकिन, ग्लोबल सप्लाई चेन और जियोपोलिटिकल टेंशन कंपनी के एक्सपोर्ट्स के लिए रिस्क बनी हुई है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपनी नई सेमीकंडक्टर पाइपिंग यूनिट्स और हाई-वैल्यू इक्विपमेंट से मार्जिन्स को किस तरह बेहतर करती है। ₹2,200 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बैकअप कंपनी के लिए भविष्य की ग्रोथ को लेकर एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
