INOX India ने वडोदरा में 'SemiOrbit Skill Excellence Centre' की शुरुआत की है। कंपनी का उद्देश्य सेमीकंडक्टर सेक्टर में तकनीकी मैनपावर की कमी को पूरा करना और चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए नई तैयारी
INOX India Limited ने ITM SLS बड़ौदा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर यह सेंटर खोला है। इस पहल में INOX Air Products और Swagelok Bombay जैसी कंपनियां भी साथ जुड़ी हैं। ट्रेनिंग सेंटर का मुख्य फोकस अल्ट्रा-हाई-प्यूरिटी (UHP) गैस डिस्ट्रिब्यूशन और ऑर्बिटल वेल्डिंग जैसे जटिल विषयों पर है। ये स्किल्स सेमीकंडक्टर फैब (fabs) के सुरक्षित और सटीक संचालन के लिए अनिवार्य हैं।
सरकार के मिशन को मिलेगा सपोर्ट
यह कदम सरकार के 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (India Semiconductor Mission) के साथ पूरी तरह अलाइन है, जिसका लक्ष्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है। कंपनी अपनी क्रायोजेनिक और गैस डिलीवरी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह प्रोजेक्ट सीधे मुनाफे के बजाय लॉन्ग-टर्म इकोसिस्टम बिल्डिंग की रणनीति है। भारत में जैसे-जैसे बड़ी चिप मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज बनेंगी, वैसे-वैसे स्किल्ड इंजीनियरों और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि इस सेक्टर की ग्रोथ पूरी तरह से भारत में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के सफल और समय पर निष्पादन पर निर्भर करती है। अगर प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो कंपनी की सेवाओं की डिमांड भी धीमी हो सकती है। फिलहाल, मार्केट इस सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर और एफिशिएंसी पर बारीक नजर बनाए हुए है।
