IMP Powers का बड़ा कदम: शेयरधारकों की राय क्यों महत्वपूर्ण?
IMP Powers लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों से दो बड़े 'Related Party Transactions' (RPTs) के लिए मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मंजूरी पोस्टल बैलेट के ज़रिए मांगी जा रही है, जिसमें शेयरधारक 27 फरवरी, 2026 से 28 मार्च, 2026 तक ई-वोटिंग कर सकेंगे।
कंपनी GSEC Limited और Electrify Energy Private Limited के साथ ₹100 करोड़-₹100 करोड़ के दो अलग-अलग सौदे करने का प्रस्ताव रखा है। इन दोनों सौदों का कुल मूल्य ₹200 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इन सौदों का मकसद विस्तार, विकास, बाज़ार में पहुंच बढ़ाना और GSEC के कॉम्पिटिटिव फायदे का इस्तेमाल करके प्रोडक्शन कॉस्ट कम करना है। ये ट्रांजैक्शन सामान्य बिजनेस के दायरे में और 'आर्म्स लेंथ बेसिस' पर किए जाएंगे।
कंपनी की पुरानी कहानी और नया मैनेजमेंट
यह समझना ज़रूरी है कि IMP Powers का बैकग्राउंड कैसा रहा है। यह कंपनी एक ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरर है और इससे पहले लिक्विडेशन (liquidation) की प्रक्रिया में थी, जिसके चलते इसका बोर्ड निलंबित था।
अगस्त 2024 में, मिस्टर राकेश आर. शाह ने अपनी स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) Electrify Energy Private Limited के ज़रिए इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (CIRP) के तहत कंपनी की नीलामी जीती। इसके बाद सितंबर 2024 में नए डायरेक्टर्स और मैनेजमेंट की नियुक्ति हुई।
Electrify Energy Private Limited एक नई इकाई है, जिसकी स्थापना 2020 में हुई थी और यह स्मार्ट मीटर और एनर्जी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस पर फोकस करती है। GSEC Limited, जो राकेश शाह से जुड़ी है, एयर कार्गो, लॉजिस्टिक्स और कमोडिटी ट्रेडिंग में सक्रिय है।
पैमाने को लेकर चिंताएं और जोखिम
प्रस्तावित सौदों का पैमाना IMP Powers के पिछले फाइनेंशियल ईयर के टर्नओवर के मुकाबले काफी बड़ा है। GSEC Limited के साथ होने वाला सौदा IMP Powers के पिछले फाइनेंशियल ईयर के कंसोलिडेटेड टर्नओवर का भारी 2140% है। वहीं, Electrify Energy Private Limited के साथ सौदा पिछले साल के टर्नओवर का 14.98% है।
कंपनी का कहना है कि GSEC के साथ इतना बड़ा प्रतिशत इसलिए दिख रहा है क्योंकि लिक्विडेशन के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल टर्नओवर बहुत कम था। IMP Powers का FY2025 के लिए कंसोलिडेटेड टर्नओवर केवल ₹13.3 करोड़ था। तुलना के लिए, GSEC Limited ने FY24-25 में ₹534.48 करोड़ का टर्नओवर रिपोर्ट किया, जबकि Electrify Energy Private Limited का टर्नओवर FY24-25 में ₹667.19 करोड़ रहा।
'Related Party Transactions' पर रेगुलेटर्स और निवेशकों की कड़ी नज़र रहती है, और इस मामले में उनके पैमाने को देखते हुए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
आगे क्या देखना होगा?
- शेयरधारकों की वोटिंग और उनके फैसले का नतीजा।
- स्वीकृत होने पर, इन सौदों का एग्जीक्यूशन और कंपनी के ऑपरेशंस पर उनका असर।
- नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और ओवरऑल टर्नअराउंड।
- सभी रिलेटेड पार्टी डीलिंग्स में पारदर्शिता और कंप्लायंस।