IMFA की बम्पर कमाई! Tata Steel प्लांट खरीदकर बनी India की सबसे बड़ी फेरो क्रोम Producer

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Author Aditi Chauhan | Published at:
IMFA की बम्पर कमाई! Tata Steel प्लांट खरीदकर बनी India की सबसे बड़ी फेरो क्रोम Producer
Overview

Indian Metals & Ferro Alloys Ltd (IMFA) ने **Q3 फाइनेंशियल ईयर 26** में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का **रेवेन्यू 9%** बढ़कर **₹702.83 करोड़** और **नेट प्रॉफिट (PAT) 40%** उछलकर **₹130.67 करोड़** रहा। इसके साथ ही, IMFA ने Tata Steel के **फेरो क्रोम** प्लांट को **₹610 करोड़** में खरीदने का एक बड़ा सौदा भी किया है, जिसके पूरा होते ही कंपनी भारत की सबसे बड़ी **फेरो क्रोम प्रोड्यूसर** बन जाएगी।

नतीजों पर एक नज़र

IMFA के Q3 फाइनेंशियल ईयर 26 के नतीजे उम्मीदों से बेहतर रहे। स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹643.22 करोड़ से बढ़कर ₹702.83 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी का EBITDA भी सुधरकर ₹164.33 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे EBITDA मार्जिन लगभग 20% (Q3 फाइनेंशियल ईयर 25) से बढ़कर 23.38% हो गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (PAT) 40.39% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹130.67 करोड़ रहा, और PAT मार्जिन बढ़कर 18.59% हो गया। साल-दर-साल (Year-to-date) आधार पर, रेवेन्यू ₹2063.02 करोड़ दर्ज किया गया है।

ऑपरेशनल परफॉरमेंस

ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी ने अच्छी पकड़ दिखाई। Q3 फाइनेंशियल ईयर 26 के दौरान, IMFA ने 67,196 टन फेरो क्रोम का प्रोडक्शन किया और 64,802 टन की सेल्स दर्ज की। एक अहम बात यह रही कि क्रोम अयस्क (Chrome Ore) की माइनिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल की Q3 के 174,515 टन के मुकाबले बढ़कर 265,468 टन तक पहुँच गई। यह बेहतर रिसोर्स यूटिलाइजेशन और कॉस्ट कंट्रोल को दर्शाता है।

बड़ी डील और भविष्य की योजनाएं

इस तिमाही का सबसे बड़ा आकर्षण Tata Steel के फेरो क्रोम प्लांट का अधिग्रहण रहा। IMFA ने 4 नवंबर 2025 को ₹610 करोड़ में इस प्लांट को खरीदने के लिए एक डील साइन की है। मंजूरी मिलने के बाद, Q4 फाइनेंशियल ईयर 26 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इस सौदे के बाद, IMFA की कुल कैपेसिटी 534,000 टन प्रति वर्ष तक पहुँच जाएगी, जिससे वह भारत की सबसे बड़ी फेरो क्रोम प्रोड्यूसर बन जाएगी। इसके अलावा, Kalinganagar में 100,000 टन प्रति वर्ष की कैपेसिटी वाले ग्रीनफील्ड एक्सपेंशन पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिसके जून 2026 तक कमीशनिंग होने की उम्मीद है। Therubali स्थित एथेनॉल प्रोजेक्ट का काम भी मार्च 2026 तक पूरा होने की समय-सीमा पर है।

आगे क्या?

कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर काफी उत्साहित है। उनका मानना है कि बाजार के हालात मजबूत बने रहेंगे और मार्जिन में और सुधार की गुंजाइश है। इस विस्तार का मुख्य मकसद घरेलू मार्केट शेयर बढ़ाना और क्रोम अयस्क खदानों के करीब होने के कारण प्रोडक्शन कॉस्ट को कम करना है। हालांकि, Tata Steel प्लांट के अधिग्रहण को लेकर रेगुलेटरी अप्रूवल्स मिलने और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने जैसे कुछ जोखिम बने हुए हैं। IMFA का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और सस्टेनेबिलिटी-केंद्रित फेरो क्रोम प्रोड्यूसर बनना है।

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