IEX पर रेगुलेटरी संकट, शेयर 7% लुढ़के
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखी गई, NSE पर यह करीब 7% लुढ़क कर ₹127.43 पर आ गया। इसकी मुख्य वजह सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) का एक मसौदा प्रस्ताव है, जिसमें बिजली की कीमतों के निर्धारण (Price Discovery) को केंद्रीकृत (Centralize) करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव के तहत Grid Controller of India Limited (Grid India) को एकमात्र ऑपरेटर बनाया जाएगा, जो IEX के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि IEX का इस बाजार में 99.7% का दबदबा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह रेगुलेटरी बदलाव IEX की प्राइसिंग पावर और रेवेन्यू को कम कर सकता है।
BHEL ने बनाई 52-हफ्ते की ऊंचाई, पर वैल्यूएशन पर सवाल
दूसरी ओर, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL) के शेयरों ने 52-हफ्ते की नई ऊंचाई को छुआ। कंपनी ने FY26 के लिए ₹32,350 करोड़ का प्रोविजनल टर्नओवर पेश किया, जो पिछले साल से 18% ज्यादा है। साथ ही, कंपनी ने ₹75,000 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए, जिससे इसकी ऑर्डर बुक बढ़कर ₹2.4 लाख करोड़ हो गई है। हालांकि, BHEL का वैल्यूएशन चिंता का विषय बना हुआ है। इसका TTM P/E रेशियो 135.4x है, जो भारतीय इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के औसत 28.3x से कहीं ज्यादा है। वहीं, इसका ROE सिर्फ 2.12% है, जो बताता है कि बाजार भविष्य की ग्रोथ को लेकर बहुत ज्यादा उम्मीदें लगाए बैठा है। कुछ ब्रोकरेज 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन Axis Capital ने इसे ₹188 पर 'Sell' रेटिंग दी है।
ICICI बैंक का प्रॉफिट बढ़ा, प्रोविजनिंग में भारी कटौती
ICICI Bank के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को राहत दी। बैंक का Q4 FY26 का नेट प्रॉफिट 8.5% बढ़कर ₹13,701.68 करोड़ रहा। इस ग्रोथ का मुख्य कारण प्रोविजनिंग में 90% की भारी कटौती रहा, जो घटकर सिर्फ ₹96 करोड़ रह गई। इससे बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी और एसेट क्वालिटी भी स्थिर NIMs (4.32%) के साथ सुधरती दिखी। हालांकि, ग्रॉस NPA रेशियो अभी भी 1.40% से 1.53% के बीच बना हुआ है, जिस पर नजर रखने की जरूरत है। इसके बावजूद, 51 में से 49 एनालिस्ट ने 'Buy' रेटिंग दी है।
Trent की तेजी जारी, पर प्रीमियम वैल्यूएशन से सतर्क रहने की सलाह
Trent के शेयर में करीब 3% की तेजी आई, जो हालिया बढ़त को जारी रखे हुए है। मार्च तिमाही में 20% के रेवेन्यू ग्रोथ (₹4,937 करोड़) और Zudio ब्रांड के स्टोर्स की आक्रामक विस्तार योजना इसकी वजह रही। लेकिन, कंपनी का P/E रेशियो अभी भी बहुत ऊंचा है, जो लगभग 90x, 77.9x, और 91.17x के आसपास है। इतनी प्रीमियम वैल्यूएशन के बावजूद, सेल्स ग्रोथ में नरमी और Zudio के मार्जिन पर दबाव की चिंताएं बनी हुई हैं। Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज ने ₹4,350 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है।
Apollo Micro Systems को मिला आर्म्स लाइसेंस, शेयर 4% उछले
Apollo Micro Systems के शेयरों में 4% का उछाल आया। इसका मुख्य कारण सरकार से मिला लाइफटाइम आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस है, जो 10 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है। यह लाइसेंस कंपनी को रणनीतिक हथियार सिस्टम बनाने की इजाजत देता है, जिससे यह सब-सिस्टम प्रदाता से सीधे हथियार सिस्टम निर्माता बनने की ओर अग्रसर है। हालांकि, कंपनी का P/E रेशियो 119.57x और मार्केट कैप ₹10,108-10,517 करोड़ के आसपास है, जो दर्शाता है कि भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदें पहले से ही कीमत में शामिल हैं।
