ICF का बड़ा दांव: अब मालगाड़ी (Freight Train) बनाएगा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, वंदे भारत का भी होगा नया स्लीपर वर्जन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ICF का बड़ा दांव: अब मालगाड़ी (Freight Train) बनाएगा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, वंदे भारत का भी होगा नया स्लीपर वर्जन

रेलवे के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने अपने काम का दायरा बढ़ाते हुए मालगाड़ी (Freight Train) के डिब्बे बनाने का फैसला किया है। कंपनी माल ढोने वाली इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (Freight EMU) ट्रेनसेट पर काम कर रही है। इसके साथ ही, ICF 24-कार वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उत्पादन को भी अंतिम रूप देने में लगी है।

माल ढुलाई में क्रांति की तैयारी

चेन्नई स्थित ICF, जो भारतीय रेलवे का एक अहम सरकारी कारखाना है, अब पैसेंजर कोच से आगे बढ़कर माल ढुलाई के क्षेत्र में उतर रहा है। कंपनी फ्रेट EMU ट्रेनसेट विकसित कर रही है। इसका मकसद खास तौर पर हाई-वैल्यू गुड्स (जैसे व्हाइट गुड्स) की ट्रांसपोर्टेशन को और बेहतर और तेज बनाना है। यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है।

वंदे भारत का स्लीपर वर्जन भी तैयार

पैसेंजर ट्रेनों की बात करें तो ICF अपनी फ्लैगशिप वंदे भारत प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम कर रहा है। फैक्ट्री 24-कार वाले वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के उत्पादन की तैयारी कर रही है। इसके लिए जरूरी स्ट्रक्चरल डिजाइन, कोच-टू-कोच इंटरफेस डिटेल और इक्विपमेंट लेआउट जैसे सभी टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन फाइनल हो चुके हैं। साथ ही, 'अमृत भारत' पहल के तहत एयर-कंडीशन्ड (AC) और नॉन-AC कोचों के मिश्रण वाली ट्रेनों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

रेलवे सप्लाई चेन पर असर

ICF के इस विस्तार का भारतीय रेलवे सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ेगा। हालांकि ICF खुद शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन इसके उत्पादन लक्ष्य प्राइवेट कंपनियों के लिए कंपोनेंट्स की मांग बढ़ाएंगे। इनमें प्रोपल्शन सिस्टम, ट्रैक्शन मोटर, इंटीरियर पैनलिंग और सिग्नलिंग इक्विपमेंट बनाने वाली फर्में शामिल हैं। ICF ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर में 3,405 कोच का उत्पादन लक्ष्य रखा है, जिससे 'मेक इन इंडिया' रेलवे प्रोग्राम से जुड़ी कंपनियों को हाई-टेक कंपोनेंट्स की लगातार मांग बनी रहने की उम्मीद है।

चुनौतियां और जोखिम

नई और जटिल ट्रेनसेट टेक्नोलॉजी को अपनाने में कुछ ऑपरेशनल जोखिम भी जुड़े हैं। 24-कार वंदे भारत स्लीपर और नए फ्रेट EMU बेड़े की सफल लॉन्चिंग, विभिन्न वेंडरों से महत्वपूर्ण पुर्जों की समय पर सप्लाई पर निर्भर करेगी। सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट से प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है। इसके अलावा, जैसे-जैसे फैक्ट्री उन्नत रोलिंग स्टॉक का उत्पादन बढ़ाएगी, उसे क्वालिटी कंट्रोल बनाए रखने और सरकारी निर्माण सेटअप में हाई-एंड टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.