शुरुआती एग्जिट की योजना
I Squared Capital, जिसके पास $55 बिलियन से अधिक की एसेट्स हैं, अपनी Polaris Smart Metering में मेजॉरिटी स्टेक बेचने पर विचार कर रही है। इस संभावित बिक्री प्रक्रिया को मैनेज करने के लिए फर्म ने Impact Infracap को काम सौंपा है। यह डील Polaris का वैल्यूएशन करीब $200 मिलियन (₹1,892 करोड़) तक पहुंचा सकती है।
यह एग्जिट की योजना करीब 2.2 साल बाद आई है, जब I Squared Capital ने फरवरी 2023 में अपने ISQ Growth Markets Infrastructure Fund के जरिए Polaris Smart Metering में $150 मिलियन का निवेश कर मेजॉरिटी स्टेक खरीदा था। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स 3 से 7 साल तक निवेश बनाए रखते हैं, ऐसे में यह जल्दी एग्जिट की संभावना खास है।
सेक्टर में ग्रोथ के बीच Polaris के बड़े प्रोजेक्ट्स
Polaris Smart Metering, जो भारत में अपनी सब्सिडियरी Gomati Smart Metering के जरिए काम करती है, ने कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में Madhyanchal Vidyut Vitran Nigam के लिए 5.1 मिलियन स्मार्ट मीटर लगाने का प्रोजेक्ट और पश्चिम बंगाल के लिए 2.2 मिलियन मीटर का कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। कंपनी के पास भारत के विभिन्न राज्यों में लगभग $1.1 बिलियन का ऑर्डर बुक है।
इसके अलावा, अप्रैल 2026 के मध्य में, Polaris ने British International Investment (BII) से ₹710 करोड़ (लगभग $80 मिलियन) की फाइनेंसिंग भी हासिल की थी। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने एडवांस मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) नेटवर्क को बढ़ाने और पश्चिम बंगाल में 2.2 मिलियन से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने के लिए करेगी।
भारत का स्मार्ट मीटर मार्केट में उछाल
भारत का स्मार्ट मीटर मार्केट सरकारी पहलों जैसे Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) और National Smart Grid Mission (NSGM) के कारण तेजी से बढ़ रहा है। इन योजनाओं का लक्ष्य 2027 तक देश भर में 250 मिलियन स्मार्ट मीटर लगाना है, ताकि पावर लॉस को काफी हद तक कम किया जा सके। भारत का ब्रॉडर स्मार्ट ग्रिड मार्केट 2024 में लगभग $2.4 बिलियन का था और इसके और बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, स्मार्ट मीटर मार्केट 2024 में करीब $610 मिलियन का था और 2033 तक 18.1% की सालाना दर (CAGR) से बढ़कर $2.7 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है।
इस सेक्टर में Adani Energy Solutions, Genus Power Infrastructures, Secure Meters, और HPL Electric & Power जैसे प्रमुख खिलाड़ी मौजूद हैं।
जल्दी एग्जिट और वैल्यूएशन पर सवाल
Polaris के बड़े ऑर्डर बुक और हालिया फाइनेंसिंग के बावजूद, I Squared Capital का यह जल्दी एग्जिट प्लान कुछ सवाल खड़े करता है। $150 मिलियन के निवेश पर $200 मिलियन का वैल्यूएशन, 2.2 साल में 33% का ग्रॉस रिटर्न देता है, जो सालाना करीब 15% के आसपास होगा (फीस से पहले)। इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट इक्विटी फंड्स के लिए यह गति शायद उनके लक्ष्यों को पूरा न करे, जो लंबी अवधि में कंपनियों को बेहतर मल्टीपल पर बेचने पर केंद्रित होते हैं।
बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में जोखिम होते हैं और यह सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव होता जा रहा है, खासकर Adani Energy Solutions जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ। किसी भी खरीदार को Polaris की भविष्य की संभावनाओं, कॉन्ट्रैक्ट्स की मजबूती और बदलते बाजार में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता का बारीकी से मूल्यांकन करना होगा।
स्मार्ट मीटर सेक्टर में जारी रहेगी ग्रोथ
I Squared Capital के फैसले से हटकर, भारत का स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर लगातार ग्रोथ के लिए तैयार है। स्पष्ट सरकारी लक्ष्य, बड़े निवेश और पावर डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने की जरूरत इस क्षेत्र के लिए मजबूत अवसर पैदा करती है। Polaris के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स और हालिया फाइनेंसिंग इसे इस बढ़ते बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के लिए तैयार करते हैं।
