Honeywell Aerospace ने HAL के HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के लिए TPE331-12B इंजनों की डिलीवरी तेज कर दी है। कंपनी 2029 के लक्ष्य से पहले ही 16 इंजनों का ऑर्डर पूरा करने की कोशिश में है, जो डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ी राहत है।
इंजन डिलीवरी में तेजी
Honeywell Aerospace ने HAL के साथ अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए इंजनों की सप्लाई को रफ्तार दी है। कंपनी का लक्ष्य 2029 की डेडलाइन से काफी पहले 16 इंजनों का ऑर्डर पूरा करना है। इसमें से 8 यूनिट्स 2026 के अंत तक डिलीवर कर दी जाएंगी। यह कदम HAL के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी भारतीय वायु सेना के लिए HTT-40 एयरक्राफ्ट के प्रोडक्शन को लगातार बढ़ा रही है।
ऑपरेशन्स और सप्लाई चेन की चुनौतियां
बीते समय में एक सप्लायर की यूनिट में आग लगने के कारण Honeywell की सप्लाई चेन में काफी रुकावटें आई थीं। अब इन बाधाओं को दूर कर कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट टाइमलाइन्स को स्टेबल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
ऑपरेशनल मोर्चे पर तेजी के बावजूद कंपनी फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रही है। जून 2026 में Honeywell International से अलग होने के बाद, कंपनी पर मार्जिन का दबाव दिख रहा है। अगस्त 2026 में मैनेजमेंट ने सेल्स ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 4-5% कर दिया है। साथ ही, EBITDA मार्जिन में 100 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट की आशंका जताई गई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
कमर्शियल विस्तार
डिफेंस के अलावा, कंपनी का कमर्शियल एविएशन में भी दबदबा बरकरार है। हाल ही में Honeywell ने IndiGo के साथ 810 Airbus एयरक्राफ्ट के लिए एवियोनिक्स और ऑक्जिलरी पावर यूनिट का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी बिना किसी और बाधा के डिलीवरी टाइमलाइन को कैसे बरकरार रखती है और मार्जिन को स्टेबल करने में कितनी सफल होती है।
