Honeywell Automation India Ltd के शेयरों में आज **2%** की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों का ध्यान कंपनी के FY26 के नेट कैश फ्लो में आए भारी बदलाव पर है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और तिमाही नतीजों में सुधार दिखा है, लेकिन बढ़ते खर्च और निवेश गतिविधियों से हुए बड़े निकास (outflows) पर निवेशक गौर कर रहे हैं।
कैश फ्लो में भारी गिरावट से घबराए निवेशक
Honeywell Automation India Ltd के शेयरों में आज, 17 अगस्त 2026 को 2% की गिरावट आई। यह शेयर Nifty Midcap 150 इंडेक्स पर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में से एक रहा। कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर हालिया खुलासे, खासकर 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के कैश फ्लो को लेकर, चिंता का विषय बने हुए हैं।
FY26 के नतीजे: बिक्री बढ़ी, पर मुनाफे पर दबाव
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी की स्टैंडअलोन सेल्स ₹4,681 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 11.75% ज्यादा है। हालांकि, इस बिक्री वृद्धि का असर मुनाफे पर सीमित रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मामूली 0.38% बढ़कर ₹525 करोड़ हुआ। इसका मुख्य कारण कुल खर्चों में 13.19% की बढ़ोतरी है, जो बढ़कर ₹4,142 करोड़ हो गए। बढ़ते खर्चों ने मार्जिन पर दबाव डाला, जिससे निवेशकों के सामने कंपनी की बढ़ती ऑपरेशनल लागत को मैनेज करने की क्षमता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
₹2,565 करोड़ का कैश फ्लो घाटा: क्या है वजह?
बाजार के जानकारों के बीच चर्चा का मुख्य बिंदु कंपनी के कैश फ्लो में आया बड़ा बदलाव है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में, नेट कैश फ्लो ₹308 करोड़ के पॉजिटिव आंकड़े से गिरकर (-) ₹2,565 करोड़ के भारी नेगेटिव स्तर पर पहुंच गया। यह बड़ी गिरावट मुख्य रूप से निवेश गतिविधियों (investing activities) से हुए भारी आउटफ्लो के कारण हुई।
कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है (डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00 है), लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में कैश का बाहर जाना निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। वे यह जानने को उत्सुक हैं कि यह पैसा कहां लगाया गया है और इससे भविष्य में क्या रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
Q1 2027 के नतीजों में दिखी कुछ राहत
इन चिंताओं के बावजूद, कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों, जो 30 जून 2026 को समाप्त हुए, ने कुछ राहत दी है। नए फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 20.97% बढ़कर ₹150.7 करोड़ रहा। हालांकि, इसी अवधि में रेवेन्यू ग्रोथ पिछले साल की तुलना में 1.8% पर थोड़ी धीमी रही। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी फुल-ईयर के बढ़ते खर्चों के दबाव के बावजूद, अल्पकालिक आधार पर अपने बॉटम-लाइन प्रदर्शन को बेहतर बनाने में कामयाब रही है।
आगे क्या?
कंपनी ने हाल ही में शेयरधारकों को ₹110 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी दिया था, जिसका एक्स-डिविडेंड (ex-dividend) 16 जुलाई 2026 को हुआ था। भविष्य में, निवेशकों का ध्यान मैनेजमेंट की ओर से उन निवेश गतिविधियों के बारे में दी जाने वाली जानकारी पर रहेगा, जिनके कारण भारी कैश आउटफ्लो हुआ। इसके अलावा, जून तिमाही में देखे गए प्रॉफिट ग्रोथ को बनाए रखना, कंपनी की बढ़ती लागतों को नियंत्रित करने और प्रतिस्पर्धी ऑटोमेशन सेक्टर में अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
