लेबर कोड्स का असर, रेवेन्यू में दमदार बढ़त
Honda India Power Products Limited (HIPL) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अपने रेवेन्यू (Revenue) में मजबूत 32.43% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹270.40 करोड़ पर पहुंच गया। पिछली साल इसी अवधि में यह ₹204.18 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) देखें तो रेवेन्यू में 54.00% की जबरदस्त उछाल आई है, जो ₹175.61 करोड़ से बढ़कर ₹270.40 करोड़ हुआ है।
प्रॉफिट में गिरावट की वजह
जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, Q3 FY26 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की 12.68% की गिरावट के साथ ₹16.67 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹19.09 करोड़ था। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण ₹11.84 करोड़ का एक 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) है। यह चार्ज नए लेबर कोड्स के लागू होने के कारण आया है, जिसमें ग्रेच्युटी (Gratuity) पर ₹8.07 करोड़ और लॉन्ग-टर्म कॉम्पेनसेटेड एब्सेंस (Compensated Absences) पर ₹3.77 करोड़ का असर शामिल है। इस वजह से कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पर असर पड़ा है।
बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी इसी ट्रेंड को फॉलो करते हुए 12.70% घटकर ₹16.43 हो गया। हालांकि, पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) के मुकाबले इसमें 49.23% की अच्छी ग्रोथ देखी गई है।
नए लेबर कोड्स का सेक्टर-व्यापी असर
भारत में 21 नवंबर, 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड्स कई कंपनियों के लिए एकमुश्त वित्तीय प्रभाव डाल रहे हैं। इन कोड्स ने 'वेजेज' (wages) की परिभाषा बदली है, जिससे ग्रेच्युटी और कॉम्पेनसेटेड एब्सेंस जैसी देनदारियां बढ़ी हैं। हाल ही में, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भी इसी तरह के कारणों से ₹2,128 करोड़ का चार्ज अपनी Q3 FY26 नतीजों में दिखाया था। यह दर्शाता है कि पूरे सेक्टर में नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के हिसाब से एडजस्टमेंट चल रहा है।
Honda India Power Products, जो पहले Honda Siel Power Products Ltd. के नाम से जानी जाती थी, बाजार की गतिशीलता के साथ तालमेल बिठाने का इतिहास रखती है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और लिक्विडिटी (liquidity) भी अच्छी है। कंपनी इलेक्ट्रिक मोटर बनाने में भी विस्तार कर रही है, जिसमें 'eGX' लाइन शामिल है, जो शोर और उत्सर्जन-संवेदनशील वातावरण के लिए तैयार की गई है।
शेयरधारकों को तोहफा: डिविडेंड का ऐलान
अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 35% (₹3.50 प्रति शेयर) का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है।
लीडरशिप में निरंतरता
कंपनी में लीडरशिप को भी मजबूत किया गया है। मिस्टर शिगेकी इवामा (Mr. Shigeki Iwama) को 1 अप्रैल, 2026 से एक साल के लिए चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रेसिडेंट और सीईओ (Chairman, Managing Director, President and CEO) के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है, जिससे नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी।
आगे की राह
छोटे अवधि के लिए मुख्य जोखिम नए लेबर कोड्स का प्रभाव है, जो अगली तिमाहियों में भी प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, कंपनी का मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ बताता है कि उसके प्रोडक्ट्स की डिमांड अच्छी बनी हुई है। इलेक्ट्रिक मोटर लाइन का विस्तार कंपनी के लिए एक नया ग्रोथ का रास्ता खोल सकता है।