Hitech Corp Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! Q3 में कंपनी को भारी घाटा, 9 महीने में प्रॉफिट **80%** गिरा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Hitech Corp Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! Q3 में कंपनी को भारी घाटा, 9 महीने में प्रॉफिट **80%** गिरा
Overview

Hitech Corporation ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं। कंपनी को इस तिमाही में **₹3.27 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में **₹1.43 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया गया था। रेवेन्यू (Revenue) बढ़ने के बावजूद कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में भारी गिरावट आई है।

📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण

कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों पर नजर डालें तो, Q3 FY26 में ऑपरेशन से होने वाली आमदनी 6.9% बढ़कर ₹131.54 करोड़ पर पहुंच गई। लेकिन, रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का मुनाफा बुरी तरह गिर गया। इस तिमाही में कंपनी को ₹3.27 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल Q3 FY25 में ₹1.43 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) था। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी ₹1.22 करोड़ के मुनाफे से गिरकर ₹4.28 करोड़ के नुकसान में आ गया। नतीजतन, इस तिमाही के लिए बेसिक और डाइल्यूटेड ईपीएस (EPS) (₹1.90) पर निगेटिव हो गया, जो पिछले साल ₹0.83 था।

वहीं, 9 महीने (Nine Months) की अवधि में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4.9% बढ़कर ₹432.64 करोड़ रहा। लेकिन, इस दौरान नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में जबरदस्त 80.4% की गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹8.40 करोड़ की तुलना में घटकर केवल ₹1.65 करोड़ रह गया। PBT भी 78% घटकर ₹2.33 करोड़ पर आ गया। 9M FY26 के लिए स्टैंडअलोन ईपीएस (EPS) ₹0.96 रहा, जो पिछले साल ₹4.89 था।

कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर देखें तो, Q3 FY26 में ऑपरेशन से होने वाली आमदनी 18% बढ़कर ₹145.12 करोड़ रही। हालांकि, इस बार कंपनी को ₹2.62 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹1.26 करोड़ का नेट प्रॉफिट था। कंसोलिडेटेड ईपीएस (EPS) (₹1.52) रहा, जो पिछले साल ₹0.73 था। 9 महीने की अवधि में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15.1% बढ़कर ₹474.40 करोड़ हुआ, लेकिन कंसोलिडेटेड PAT में 20.5% की गिरावट आई और यह ₹6.30 करोड़ (पिछले साल ₹7.92 करोड़) रहा। PBT 12.6% घटकर ₹8.89 करोड़ रहा और कंसोलिडेटेड ईपीएस (EPS) 3.67 रहा, जो पिछले साल 4.61 था।

📈 नतीजों के पीछे की वजहें

इन नतीजों से साफ है कि कंपनी के मार्जिन में भारी कमी आई है और ऑपरेशनल (Operational) चुनौतियां बढ़ गई हैं। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, खर्चों ने आय को पीछे छोड़ दिया, जिसके कारण प्रॉफिट में इतनी बड़ी गिरावट और तिमाही में नेट लॉस हुआ। 9 महीने के नतीजों में ₹199.85 लाख के एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) को भी दर्ज किया गया, जो ग्रैच्युटी और न्यू लेबर कोड्स के कारण एक्ट्यूरियल वैल्यूएशन चार्जेज (Actuarial Valuation Charges) से जुड़े थे। स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों में Q3 के निगेटिव ईपीएस (EPS) निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, जो तिमाही के लिए शेयरहोल्डर वैल्यू में गिरावट का संकेत दे रहा है।

❓ भविष्य की अनिश्चितता

कंपनी की रिपोर्ट में भविष्य की कोई गाइडेंस (Guidance) नहीं दी गई है। मैनेजमेंट की ओर से भविष्य की संभावनाओं, ग्रोथ ड्राइवर्स या खास रिस्क पर कोई कमेंट्री न होने से निवेशक भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं। इस अनिश्चितता के बीच, कंपनी ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) श्रीमती ए. वैन आर. चैना (Mrs. A van R. Chaina) के 11 फरवरी, 2026 से रिटायरमेंट को भी मंजूरी दे दी है, और उनके उत्तराधिकारी का नाम अभी तय नहीं है। यह लीडरशिप बदलाव, मौजूदा फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के साथ मिलकर, आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को बारीकी से नजर रखने की सलाह देता है।

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