IDBI Capital ने Hitachi Energy India पर कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹35,001 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह मौजूदा स्तरों से करीब 15.4% के उछाल का संकेत देता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) सेगमेंट में बढ़त जारी रहेगी। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹20,000 करोड़ से अधिक का है और भारत की ऑपरेशनल HVDC क्षमता में इसकी 48% हिस्सेदारी है। अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच रेवेन्यू (Revenue), EBITDA और PAT में क्रमशः 36%, 67% और 76% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ोतरी होगी।
सरकार पावर ट्रांसमिशन को बढ़ावा दे रही है। भारत FY32 तक अपनी HVDC क्षमता को 66.75 GW तक ले जाने की योजना बना रहा है, जिसमें करीब ₹1.9 ट्रिलियन का निवेश होने की उम्मीद है। यह बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के साथ मिलकर अगले पांच से छह सालों में HVDC सेक्टर में ₹1.4 लाख करोड़ के बड़े अवसर पैदा करेगा। इसी को देखते हुए, Hitachi Energy India ने नवंबर 2024 में ₹2,500 करोड़ का QIP (Qualified Institutional Placement) पूरा किया है, जिसमें से ₹2,000 करोड़ ट्रांसफार्मर और HVDC कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में क्षमता विस्तार के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, ताकि घरेलू और एक्सपोर्ट (Export) दोनों की मांग को पूरा किया जा सके।
हालांकि, इस शानदार तेजी के बीच, शेयर की अत्यधिक वैल्यूएशन (Valuation) और हालिया उछाल पर चिंताएं भी हावी हैं। पिछले एक साल में स्टॉक 127% उछल चुका है। 22 अप्रैल, 2025 को इस स्टॉक ने ₹13,353 का 52-हफ्ते का लो (Low) देखा था। 23 अप्रैल, 2026 को यह ₹31,765 के इंट्राडे हाई (Intraday High) पर पहुंच गया था। फिलहाल, यह रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब ट्रेड कर रहा है, और इसका मार्केट कैप ₹1.35 लाख करोड़ को पार कर गया है। Hitachi Energy India का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 160 से 212 के बीच है, जो काफी ज्यादा माना जा रहा है। वहीं, एंटरप्राइज वैल्यू टू सेल्स (EV/Sales) रेश्यो भी दुनिया में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। ब्रोकरेज फर्मों की राय भी बंटी हुई है। IDBI Capital जहां बुलिश (Bullish) है, वहीं Motilal Oswal ने इसे 'Neutral' रेटिंग देकर ₹27,000 का टारगेट दिया है। कुछ जानकारों का तो यह भी कहना है कि पिछले 2 सालों में शेयर का चार गुना हो जाना एक 'बुल ट्रैप' (Bull Trap) साबित हो सकता है।
भारत के पावर ट्रांसमिशन सेक्टर, खासकर HVDC टेक्नोलॉजी का लॉन्ग-टर्म (Long-term) आउटलुक (Outlook) मजबूत बना हुआ है। सरकारी नीतियां और क्लीन एनर्जी (Clean Energy) की ओर बढ़ता कदम इसे और बढ़ावा दे रहा है। Hitachi Energy India अपनी मार्केट लीडरशिप (Market Leadership) और टेक्नोलॉजी से इस ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। लेकिन, निवेशकों को मजबूत ग्रोथ पोटेंशियल (Growth Potential) के साथ-साथ स्टॉक की मौजूदा हाई वैल्यूएशन, कीमतों में आए तेज उछाल और मार्जिन (Margin) की स्थिरता जैसी चिंताओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
