ऑपरेशनल परफॉरमेंस में जबरदस्त उछाल
कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 29% बढ़कर ₹2,100 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 107% का उछाल आया और यह ₹350 करोड़ तक पहुंच गया। एडजस्टेड नेट प्रॉफिट तो 241% बढ़कर ₹290 करोड़ हो गया। खास बात यह है कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 630 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 16.6% पर आ गया। इसका श्रेय ऑपरेटिंग लीवरेज और हालिया क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट से मिले अन्य इनकम को जाता है।
ऑर्डर बुक से रेवेन्यू की पक्की गारंटी
कंपनी ने ₹2,500 करोड़ के नए ऑर्डर भी हासिल किए, जिससे इसका ऑर्डर बैक लॉग बढ़कर ₹29,900 करोड़ से ऊपर हो गया है। यह बैक लॉग पिछले बारह महीनों के रेवेन्यू का 4 गुना से भी ज्यादा है, जो अगले 4-5 सालों के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है। शेयर का भाव भी इसी उम्मीद पर ₹25,723.9 के 52-सप्ताह के हाई तक पहुंच गया।
वैल्यूएशन पर चिंता, पर एनालिस्ट्स का भरोसा कायम
मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस के बावजूद, Hitachi Energy India का वैल्यूएशन काफी महंगा नजर आ रहा है। स्टॉक फिलहाल पिछले बारह महीनों (TTM) की कमाई के मुकाबले लगभग 292 के पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) पर ट्रेड कर रहा है। यह अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे KEC International (जो करीब 23.26 के P/E पर है), Siemens India (48.6), और GE Vernova T&D India (92.64) की तुलना में काफी ज्यादा है। यहां तक कि ग्लोबल प्लेयर ABB India भी करीब 70 के P/E पर ट्रेड कर रहा है।
हालांकि, एनालिस्ट अभी भी स्टॉक पर 'बाय' (Buy) की सलाह दे रहे हैं। कंसेंसस प्राइस टारगेट ₹23,343.85 है। Ambit Institutional Equities ने तो 'Buy' रेटिंग और ₹28,500 का टारगेट प्राइस दिया है, जो 12.4% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। वे कंपनी के मजबूत ऑर्डर विजिबिलिटी और एक्सपोर्ट ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं।
ग्रोथ के बड़े अवसर और एग्जीक्यूशन की चुनौती
कंपनी की ग्रोथ भारत के पावर सेक्टर में हो रहे बड़े बदलावों से प्रेरित है। नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान के तहत HVDC कैपेसिटी में भारी बढ़ोतरी का लक्ष्य है, जिससे लगभग ₹30,000–40,000 करोड़ के बाजार का अवसर पैदा हो सकता है। वित्तीय वर्ष 2027-2029 के दौरान सालाना ₹10,000 करोड़ के टेंडर आने की उम्मीद है। Hitachi Energy India के पास HVDC प्रोजेक्ट्स में करीब 60% का मार्केट शेयर है। कंपनी अपनी सर्विसेज और एक्सपोर्ट्स को बढ़ाकर 15% और 25% तक ले जाने का लक्ष्य बना रही है, और 2028 तक एक्सपोर्ट्स से 30% तक का योगदान मिल सकता है। कंपनी का लक्ष्य 17% के करीब मार्जिन बनाए रखना है।
लेकिन, सबसे बड़ी चिंता स्टॉक के आसमान छूते वैल्यूएशन की है। 292 का TTM P/E बहुत ज्यादा है और इसमें किसी भी गलती की गुंजाइश कम है। यह स्टॉक को किसी भी ऑपरेशनल चूक या बाजार में गिरावट के प्रति बहुत संवेदनशील बनाता है। कंपनी ₹1,500 करोड़ का कैपेक्स प्रोग्राम चला रही है, लेकिन पहले छह महीनों में केवल ₹67 करोड़ का निवेश हुआ है, जो वित्तीय वर्ष 2026 के ₹750 करोड़ के गाइडेंस से काफी कम है। मैनेजमेंट लक्ष्य पूरा करने का भरोसा जता रहा है, लेकिन एग्जीक्यूशन टाइमलाइन अहम है।
भविष्य की राह
एनालिस्ट्स सामूहिक रूप से Hitachi Energy India के लिए 'बाय' (Buy) की सिफारिश कर रहे हैं, जिनका कंसेंसस प्राइस टारगेट ₹23,343.85 है और उच्चतम अनुमान ₹26,500 तक जाता है। ब्रोकरेज फर्म Ambit Institutional Equities का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026 से 2029 के बीच सेल्स में 35% और EBITDA में 38% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकती है। यह अनुमान मजबूत ऑर्डर मिलने, HVDC पाइपलाइन के सफल एग्जीक्यूशन और सर्विसेज व एक्सपोर्ट सेगमेंट में ग्रोथ पर आधारित है। भारत के पावर सेक्टर में संरचनात्मक बदलावों के चलते कंपनी के इंडस्ट्री की ग्रोथ से आगे निकलने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा उंची वैल्यूएशन को देखते हुए, ग्रोथ या मार्जिन के अनुमानों से कोई भी विचलन स्टॉक में भारी अस्थिरता ला सकता है।