Hitachi Energy India के शेयरों में आज **2.9%** की शानदार तेजी देखी गई, शेयर **₹32,155** पर पहुँच गए। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने नेट प्रॉफिट में **157%** की भारी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
FY26 के लिए दमदार वित्तीय लक्ष्य
कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्तीय वर्ष में उसका प्रदर्शन काफी बेहतर होगा। अनुमानों के मुताबिक, कंपनी की सेल्स ₹8,147 करोड़ तक पहुँच सकती है, जो पिछले साल के ₹6,384 करोड़ की तुलना में 27.61% अधिक है।
इससे भी बड़ी बात यह है कि नेट प्रॉफिट ₹987 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि मार्च 2025 में यह ₹383 करोड़ था। कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो पिछले साल के ₹90.36 से बढ़कर ₹221.63 हो सकती है।
मार्च 2026 को समाप्त होने वाली चौथी तिमाही में, कंपनी ₹2,754 करोड़ की सेल्स की उम्मीद कर रही है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹183 करोड़ की तुलना में 46.26% की बढ़ोतरी है। उस तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹330 करोड़ रहने का अनुमान है। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी सुधरने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 6.01% की तुलना में 12.12% तक पहुँच सकता है।
बैलेंस शीट और वैल्यूएशन
इस ग्रोथ आउटलुक के साथ, कंपनी की एसेट बेस मार्च 2026 तक बढ़कर ₹12,043 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने ₹1,244 करोड़ के ऑपरेटिंग कैश फ्लो का अनुमान लगाया है, लेकिन निवेशक कमाई की गुणवत्ता को समझने के लिए ऑपरेटिंग कैश फ्लो और नेट प्रॉफिट के बीच के अंतर पर भी नज़र रखेंगे।
फिलहाल, स्टॉक 109.35x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो और 20.86x के प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पावर और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार मांग की उम्मीदों को दर्शाता है।
सेक्टर और आगे क्या?
Hitachi Energy India पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी द्वारा इन मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता प्रोजेक्ट्स पर उसके एग्जीक्यूशन की गति और कच्चे माल की लागत की स्थिरता पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को 7 अगस्त, 2026 को होने वाली अगली बोर्ड मीटिंग पर नज़र रखनी चाहिए, जहाँ कंपनी अपने पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की समीक्षा करेगी। यह मीटिंग यह जानने का अगला बड़ा अवसर होगा कि कंपनी वार्षिक प्रदर्शन लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है या नहीं और वर्तमान ऑर्डर बुक से वास्तविक राजस्व और लाभ कैसे मिल रहा है।
