Hitachi Energy India के शेयर में आज **8%** का शानदार उछाल देखा गया। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **68.6%** का रेवेन्यू बंपर और **123.5%** ज्यादा नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। ₹32,222 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बकलोड और मार्जिन में आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
Hitachi Energy India के नतीजे
Hitachi Energy India के शेयर आज 8% चढ़ गए। कंपनी ने फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1) में दमदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 123.5% बढ़कर ₹294.2 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 68.6% बढ़कर ₹2,493.7 करोड़ रहा। कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसकी वजह से EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.0% हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 11.5% था।
रिकॉर्ड ऑर्डर बकलोड और सेक्टर की ग्रोथ
कंपनी की ग्रोथ का मुख्य आधार ₹32,222.1 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बकलोड है। यह मजबूत पाइपलाइन भारत के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में चल रहे मल्टी-ईयर एक्सपेंशन को दर्शाता है। रिन्यूएबल एनर्जी को नेशनल ग्रिड से जोड़ने, पावर नेटवर्क के आधुनिकीकरण और डेटा सेंटरों की बढ़ती पावर जरूरतों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग इस ग्रोथ को बढ़ावा दे रही है। चूंकि इन प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में लंबा समय लगता है, यह ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू की अच्छी तस्वीर पेश करती है।
मार्केट की राय और वैल्यूएशन
Jefferies और Nomura जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर पॉजिटिव व्यू बनाए रखा है। उनका मानना है कि भारत में पावर ट्रांसमिशन में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट साइकिल ग्रोथ का एक बड़ा ड्राइवर बनेगा। हालांकि, मार्केट की प्रतिक्रिया एक समान नहीं रही है। Prabhudas Lilladher जैसे कुछ ब्रोकरेज हाउसेज ने 'होल्ड' रेटिंग दी है, जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत है। इन एनालिस्ट्स का मुख्य कारण स्टॉक का मौजूदा हाई वैल्यूएशन है, जो अर्निंग्स के मुकाबले काफी महंगे मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले क्वार्टर के मुकाबले 11% गिरा है। मैनेजमेंट का कहना है कि पिछले फिस्कल ईयर की चौथी तिमाही (Q4) में हाई रेवेन्यू बेस के कारण यह अस्थायी गिरावट आई है। आने वाले समय में, निवेशकों को कंपनी की मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता और रिकॉर्ड ऑर्डर बकलोड को रेवेन्यू में बदलने की गति पर नजर रखनी होगी।
