मुंबई में इस 1 GW अर्बन हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) प्रोजेक्ट का पूरा होना Hitachi Energy India के लिए एक बड़ा कदम है, जिसने शहर के पावर ग्रिड को मजबूती दी है। यह लिंक बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज को इंटीग्रेट करने और शहरी बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टेक्नोलॉजी का अहम रोल
Hitachi Energy India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ N Venu ने इस बात पर जोर दिया कि एचवीडीसी (HVDC) टेक्नोलॉजी आज के पावर ग्रिड के लिए कितनी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि यह टेक्नोलॉजी दुनिया भर में, खासकर भारत में, रिन्यूएबल एनर्जी के उतार-चढ़ाव वाले आउटपुट को संभालने और ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने का एक अहम जरिया है।
मजबूत पाइपलाइन और ग्रोथ की उम्मीदें
कंपनी को भविष्य में एक मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन दिख रही है, जिसमें लंबी दूरी की पावर लाइनों और शहरी ऊर्जा आपूर्ति के लिए नई बोलियां (tenders) आने की उम्मीद है। इसके अलावा, बढ़ते डेटा सेंटर्स और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों से भी मांग को बढ़ावा मिल रहा है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, अगले दस सालों में भारत में ऐसे लगभग 66 GW एचवीडीसी (HVDC) प्रोजेक्ट्स की ज़रूरत पड़ सकती है।
इनपुट कॉस्ट का दबाव
हालांकि, अच्छी खबरों के बीच, बढ़ती इनपुट कॉस्ट, खासकर पैकेजिंग मटेरियल की कीमतों में इजाफा, एक नज़दीकी चुनौती पेश कर रहा है। N Venu ने समझाया कि इन लागतों का असर फाइनेंशियल नतीजों पर दिखेगा, क्योंकि कंपनी मौजूदा इन्वेंट्री का इस्तेमाल करेगी। साथ ही, जटिल प्रोजेक्ट की टाइमलाइन में भी कुछ बदलाव आ सकते हैं। इन सबके बीच, कंपनी का मार्केट कैप ₹1,26,159.40 करोड़ है, और पिछले एक साल में इसके शेयरों में 122% से भी ज़्यादा की तेज़ी आ चुकी है।