Live News ›

Hindustan Zinc Share Price: रिकॉर्ड प्रोडक्शन पर कंपनी! पर इन चिंताओं पर रखें नज़र

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Hindustan Zinc Share Price: रिकॉर्ड प्रोडक्शन पर कंपनी! पर इन चिंताओं पर रखें नज़र
Overview

Hindustan Zinc ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रोडक्शन दर्ज किया है। माइंड मेटल प्रोडक्शन **2%** बढ़कर **315 किलोटन (kt)** और रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन **5%** बढ़कर **282 किलोटन (kt)** रहा। हालांकि, पूरे साल में लेड और सिल्वर का प्रोडक्शन कम हुआ है।

रिकॉर्ड प्रोडक्शन पर Hindustan Zinc, पर क्यों चिंता में निवेशक?

Hindustan Zinc ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में प्रोडक्शन के मामले में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर जिंक प्रोडक्शन में। लेकिन, जब हम पूरे साल के नतीजों और पेरेंट कंपनी Vedanta के कर्ज पर नज़र डालते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है।

प्रोडक्शन के अच्छे-बुरे आंकड़े

Q4 FY26 में, Hindustan Zinc का माइंड मेटल प्रोडक्शन साल-दर-साल 2% बढ़कर 315 किलोटन (kt) हो गया, जो पिछले क्वार्टर से 14% ज्यादा था। वहीं, रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो साल-दर-साल 5% बढ़कर 282 किलोटन (kt) रहा। अकेले रिफाइंड जिंक का प्रोडक्शन 6% बढ़कर 227 किलोटन (kt) रहा।

हालांकि, ये तिमाही के आंकड़े साल भर की कुछ कमियों को पूरी तरह से नहीं ढक पाए। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, रिफाइंड लेड प्रोडक्शन साल-दर-साल 13% गिरकर 197 किलोटन (kt) पर आ गया। सिल्वर प्रोडक्शन में भी 9% की गिरावट आई, जो पिछले साल के 687 टन के मुकाबले घटकर 627 टन रह गया। इन गिरावटों के बावजूद, Hindustan Zinc का पूरे FY26 के लिए कुल माइंड मेटल प्रोडक्शन 2% बढ़कर 1,114 किलोटन (kt) रहा। लेकिन कुल रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन में 0.4% की मामूली गिरावट आई और यह 1,048 किलोटन (kt) रहा।

मार्केट में कंपनी की पोजिशन

Hindustan Zinc भारत की लीडिंग जिंक प्रोड्यूसर है। अप्रैल 2026 की शुरुआत तक इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.12 ट्रिलियन था। इसका Trailing Twelve Months (TTM) P/E रेश्यो करीब 17.98 है, जो ऐतिहासिक आंकड़ों और इंडस्ट्री के दूसरे प्लेयर्स के मुकाबले ठीक लग रहा है। उदाहरण के लिए, छोटी कंपनी Gravita India का P/E रेश्यो 29.4 से 31.0x के बीच है।

HZL की पेरेंट कंपनी Vedanta Ltd. का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹261,859 करोड़ है और इसका TTM P/E रेश्यो 12.8 से 15.33 के बीच है। यह वैल्यूएशन Vedanta के अलग-अलग ऑपरेशंस और डीमर्जर प्लान्स को दर्शाता है। उम्मीद है कि 2026 में इंडियन मेटल्स और माइनिंग सेक्टर बढ़ेगा, जिसका फायदा सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और फेवरेबल पॉलिसीज़ से मिलेगा। Hindustan Zinc की 273.50 MW की विंड पावर कैपेसिटी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में मदद करती है, हालांकि Q4 FY26 में विंड पावर प्रोडक्शन 11% गिर गया था।

Vedanta का कर्ज और अन्य चिंताएं

रिकॉर्ड तिमाही प्रोडक्शन के बावजूद, Hindustan Zinc के सामने कुछ चुनौतियां हैं। रिफाइंड लेड प्रोडक्शन (FY26 में 13% गिरावट) और सिल्वर (FY26 में 9% गिरावट) में लगातार सालाना गिरावट इन मेटल्स के लिए ऑपरेशनल दिक्कतें या बदलती मार्केट कंडीशन का संकेत दे सकती है, भले ही जिंक प्रोडक्शन मजबूत बना हुआ है। सिल्वर HZL के प्रॉफिट का एक अहम हिस्सा है, इसलिए इसका प्रोडक्शन डिप गौर करने लायक है।

HZL से जुड़ी चिंताएं सीधे तौर पर इसकी पेरेंट कंपनी Vedanta Ltd. से जुड़ी हैं। Vedanta पर भारी कर्ज का बोझ है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 190.3% तक पहुंच गया है और FY25 तक कंसोलिडेटेड डेट लगभग ₹53,251 करोड़ था। Vedanta के अपनी यूके पेरेंट Vedanta Resources को दिए गए बड़े डिविडेंड पेआउट्स पर आलोचना हुई है, जो इसकी फाइनेंसियल फ्लेक्सिबिलिटी को कम कर सकता है और लीवरेज बढ़ा सकता है। इसके अलावा, Vedanta के प्रमोटर शेयर्स का एक बड़ा हिस्सा प्लेज्ड (Pledged) है, जो एक बड़ा गवर्नेंस और फाइनेंसियल रिस्क खड़ा करता है।

आगे का आउटलुक और एनालिस्ट की राय

Hindustan Zinc पर एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। कुछ रिपोर्ट्स ₹688.00 के 12-महीने के प्राइस टारगेट के साथ 'होल्ड' रेटिंग का सुझाव देती हैं, जबकि अन्य 'बाय' रेटिंग दे रहे हैं, जो बेहतर आउटलुक और बढ़ती मेटल प्राइस की ओर इशारा करती है। FY26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ 16.1% और प्रॉफिट ग्रोथ 27.6% रहने का अनुमान है। Vedanta को 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले कॉर्पोरेट डीमर्जर के बाद EBITDA और EPS में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है। निवेशक इस डीमर्जर के एग्जीक्यूशन और Vedanta के ऊंचे डेट लेवल पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.