रिकॉर्ड नंबर्स, फिर भी शेयर में गिरावट!
कॉपर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Hindustan Copper ने 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने पूरे साल के लिए ₹920.67 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल यानी FY25 के ₹467.43 करोड़ से 97% ज्यादा है। यह दमदार ग्रोथ कंपनी के रेवेन्यू में 49% की बढ़ोतरी की वजह से आई है, जो ₹3,077.92 करोड़ पर पहुंच गया।
सिर्फ पूरे साल ही नहीं, बल्कि चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे भी जबरदस्त रहे। इस तिमाही में Hindustan Copper का प्रॉफिट 137.3% बढ़कर ₹444.27 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹187.18 करोड़ था। वहीं, Q4 में रेवेन्यू 58% बढ़कर ₹1,156.08 करोड़ रहा। इन नतीजों के साथ कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹1.86 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है।
हालांकि, इन शानदार नतीजों और डिविडेंड की घोषणा के बावजूद, शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक ने 5.97% की गिरावट दर्ज की, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
वैल्यूएशन की चिंता, पीयर्स से पीछे?
बाजार की यह प्रतिक्रिया कंपनी के वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर उठ रहे सवालों को और गहरा करती है। जबरदस्त प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, Hindustan Copper का स्टॉक अभी काफी महंगा माना जा रहा है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 80.48x है, जो इंडस्ट्री के औसत ~17.59x P/E रेश्यो से कहीं ज्यादा है।
अगर इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों की बात करें, तो Hindalco Industries का P/E रेश्यो ~14.92x, Vedanta का ~7.44x और NALCO का ~12.79x है। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस GuruFocus ने भी कंपनी को 'Significantly Overvalued' यानी 'काफी महंगा' करार दिया है, यह बताते हुए कि इसका P/E रेश्यो इंडस्ट्री के औसत से 357.5% ज्यादा है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और एक्सपेंशन प्लान
वैल्यूएशन और कुछ मिले-जुले टेक्निकल इंडिकेटर्स (जैसे 14-दिन का RSI ~41.565 जो 'Sell' का संकेत दे रहा है) के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) Hindustan Copper को लेकर अभी भी पॉजिटिव हैं। 'Strong Buy' की कंसेंसस रेटिंग के साथ, एनालिस्ट्स का औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹663 के आसपास है। Anand Rathi Research ने भी ₹650 का टारगेट दिया है।
इस उम्मीद का मुख्य कारण कंपनी की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाएं हैं। 'Vision 2030' के तहत, कंपनी FY26 से FY30 के बीच ₹7,188 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) करके अपनी अयस्क क्षमता (Ore Capacity) को तीन गुना बढ़ाकर 12.2 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य जोखिम: हाई वैल्यूएशन और भविष्य की चुनौतियां
Hindustan Copper के लिए सबसे बड़ा जोखिम इसका हाई वैल्यूएशन ही है। लगभग 80x का TTM P/E यह बताता है कि शेयर की कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले से ही शामिल है, जिससे गलतियों की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है। किसी भी तरह की ऑपरेशनल दिक्कत या कॉपर बाजार में मंदी स्टॉक में बड़ी गिरावट ला सकती है। भू-राजनीतिक मुद्दे और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़ा हुआ फ्रेट कॉस्ट भी कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
ग्रोथ आउटलुक और विस्तार योजनाएं
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और इलेक्ट्रिफिकेशन के कारण कॉपर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए Hindustan Copper बड़े ग्रोथ प्लान पर काम कर रही है। 'Vision 2030' के तहत, कंपनी का लक्ष्य FY30 तक नेट प्रॉफिट को ₹1,568 करोड़ तक पहुंचाना है। कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) भी मजबूत हुई है, जो निवेश के लिए मददगार है। ₹1.86 प्रति शेयर का प्रस्तावित डिविडेंड शेयरहोल्डर रिटर्न के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है, लेकिन वर्तमान वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशक भविष्य की ग्रोथ के लिए प्रीमियम चुका रहे हैं।