📉 दमदार नतीजों का लेखा-जोखा
Hindustan Copper Limited (HCL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुए नौ महीनों में अपने अब तक के सबसे शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹1339.56 करोड़ के मुकाबले 43% बढ़कर ₹1921.84 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 71% की छलांग लगाकर ₹640.51 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में भी 71% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹277.94 करोड़ से बढ़कर ₹474.27 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी का EBITDA ₹777.81 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन में भी पिछले साल के करीब 37% से बढ़कर 40% से ऊपर की मजबूत बढ़त दिखी।
यह ध्यान देने वाली बात है कि ये शानदार मुनाफे एक ₹95.75 करोड़ के एकमुश्त प्रावधान (one-time provision) के बाद आए हैं, जो कंपनी ने नई पोस्ट-रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम (PRMS) के लिए किया है। यह प्रावधान कर्मचारियों के कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, लेकिन इसके बावजूद नतीजों में यह उछाल कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दिखाता है।
🚀 भविष्य की राह: क्रिटिकल मिनरल्स की ओर कदम
अपने इन शानदार नतीजों के साथ ही, Hindustan Copper ने भविष्य के लिए एक बड़ी रणनीति का भी संकेत दिया है। कंपनी अब 'क्रिटिकल मिनरल्स' (Critical Minerals) के क्षेत्र में प्रवेश करने की योजना बना रही है। यह कदम भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य बैटरी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और क्लीन एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना है। HCL अपनी हार्ड रॉक माइनिंग की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर इन उभरते उद्योगों में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनने की राह पर है।
कंपनी के मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए प्रति शेयर ₹1 का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) भी घोषित किया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए एक और अच्छी खबर है।