Hindustan Copper: तिमाही नतीजों में बंपर उछाल, डिविडेंड का ऐलान, पर गवर्नेंस पर उठे गंभीर सवाल!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Hindustan Copper: तिमाही नतीजों में बंपर उछाल, डिविडेंड का ऐलान, पर गवर्नेंस पर उठे गंभीर सवाल!
Overview

Hindustan Copper Limited (HCL) ने Q3 FY26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले करीब **149%** का जबरदस्त उछाल आया है, जो **₹156.31 करोड़** रहा। रेवेन्यू भी **110%** बढ़कर **₹687.34 करोड़** हो गया। निवेशकों को खुश करने के लिए कंपनी ने **₹1** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है। हालांकि, ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनी की गवर्नेंस पर कुछ गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

दमदार नतीजे और डिविडेंड का तोहफा

Hindustan Copper Limited (HCL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। स्टैंडअलोन बेसिस पर, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹327.77 करोड़ से बढ़कर 109.7% की छलांग लगाते हुए ₹687.34 करोड़ पर पहुंच गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में करीब 151.7% का इजाफा हुआ और यह ₹212.53 करोड़ दर्ज किया गया। नतीजतन, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹62.90 करोड़ के मुकाबले लगभग 148.7% बढ़कर ₹156.31 करोड़ पर पहुंच गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹0.65 से बढ़कर ₹1.62 हो गई, और PAT मार्जिन 19.2% से सुधरकर 22.7% हो गया।

कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है, जो फेस वैल्यू का 20% है।

गवर्नेंस पर ऑडिटर की चेतावनी

जहां एक ओर कंपनी के वित्तीय नतीजे शानदार हैं, वहीं ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। ऑडिटर ने कंपनीज़ एक्ट, 2013 के तहत संभावित गैर-अनुपालन (Non-compliance) का मुद्दा उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्टिंग की तारीखों पर कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) और एक वुमन डायरेक्टर (Woman Director) की अनुपस्थिति के कारण एक वैध ऑडिट कमेटी (Audit Committee) का गठन नहीं हो सका। यह गवर्नेंस के लिहाज़ से एक बड़ा लाल झंडा (Red Flag) है, जिस पर रेगुलेटर्स की नज़र रह सकती है।

पिछली तिमाही से आई गिरावट और अन्य मसले

हालांकि, पिछली तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में प्रदर्शन में कुछ नरमी दिखी। रेवेन्यू में करीब 4.3% की गिरावट आई और यह ₹687.34 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट में करीब 16.0% की कमी आई और यह ₹156.31 करोड़ दर्ज किया गया। कंसोलिडेटेड नतीजे भी इसी तरह के रुझान दिखाते हैं, जिसमें कुल आय ₹705.31 करोड़ और कंसोलिडेटेड PAT ₹156.30 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 148.7% बढ़ा लेकिन तिमाही-दर-तिमाही 16.0% घटा।

इसके अलावा, कंपनी के गुजरात कॉपर प्रोजेक्ट (GCP) के लिए एक लैंड लीज डीड (Land Lease Deed) से संबंधित एक रिट पिटीशन (Writ Petition) लंबित है। कंपनी नई लेबर कोड्स (Labour Codes) के वित्तीय प्रभाव का भी मूल्यांकन कर रही है, जिससे भविष्य में नए खर्च और अनुपालन की ज़रुरतें बढ़ सकती हैं।

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